ISIS आतंकी हर रोज करते थे मेरा गैंगरेप, जानवरों से बदतर सुलूक किया जाता है औरतों के साथ

0

न्यूयार्क। आतंकी संगठन आईएसआईएस औरतों को अपना सेक्स गुलाम बना कर रखता है। इन औरतों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक किया जाता है। उनकी बात न मानने पर उन्हें तरह तरह की यातनाएं दी जातीं हैं। इसी तरह की यातनाओं से गुजरकर बच निकली इराकी युवती नादिया मुराद बसी ताहा को संयुक्त राष्ट्र का सद्भावना दूत बनाया गया है।

नादिया मुराद

नादिया मुराद को संयुक्त राष्ट्र का सद्भावना दूत बनाया गया

23 वर्षीय यजीदी युवती नादिया मुराद ने कल जिहादी समूह के पीड़ितों के लिए इंसाफ का आह्वान किया और कहा कि 2014 में यजीदी लोगों पर किए गए हमले को जनसंहार करार दिया जाना चाहिए। गौरतलब है कि आतंकियों ने वर्ष 2014 में नदिया को ईराक के उत्तरी शहर सिंजर के पास स्थित उनके गांव कोचो से अगवा कर लिया था।

इसके बाद आतंकी उनसे अपने गढ़ मोसुल लेकर गए। यहाँ उसके साथ गैंग रेप किया गया। साथ ही सेक्स गुलाम के तौर पर उसकी नीलामी की गई। इस दौरान उसके साथ जानवरों जैसासलूककिया गया। बेड़ियों से जकड कर रखा जाता था। कई दिनों तक उसे भूखा प्यासा रखा जाता था। एक दिन में उसके साथ कई बार रेप किया जाता।

विरोध करने पर उसे जानवरों की तरह मारा जाता। लेकिन एक दिन वो वहां से भागने में कामयाब रही।  नादिया ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पर आयोजित एक समारोह में कहा कि वे जिस तरह चाहते थे, उस तरह से मेरा इस्तेमाल करते थे। मैं अकेली नहीं थी।’

उन्होंने कहा कि मैं शायद सौभाग्यशाली थी। समय बीतने के साथ, मैंने भाग निकलने का रास्ता खोज लिया जबकि हजारों अन्य ऐसा नहीं कर पाईं। वे अब भी बंधक हैं। कांपती आवाज में नादिया ने उन लगभग 3200 यजीदी महिलाओं और लड़कियों की रिहाई का आह्वान किया, जो अब भी आईएस के आतंकियों की यौन दासियों के रूप में कैद हैं।

नादिया ने यह भी आह्वान किया कि उन्हें बंदी बनाने वाले आतंकियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।

loading...
शेयर करें