नाना पाटेकर के रसोइये ने मांगी मदद कहा, ‘मोदी साहब मैं अभी जिंदा हूं’

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नई दिल्ली। फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के रसोइये संतोष मूरत सिंह वर्षों से यही एक बात चिल्ला रहे हैं कि मैं अभी जिंदा हूं। वह 30 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करके अपने जिंदा होने का सुबूत देंगे। वह प्रधानमंत्री मोदी से सरकारी कागजों में खुद को जिंदा करने की मांग करेंगे। संतोष की कहानी साल 2000 से शुरू हुई थी। खबरों के मुताबिक नान पाटेकर अपनी एक फिल्म आंच की शूटिंग के दौरान गांव में गए थे। वहीं पर पाटेकर की संतोष से मुलाकात हुई और वह उनके करीब हो गए। उसके बाद पाटेकर उन्हे अपने साथ मुंबई ले आये थे।

नाना पाटेकर

नाना पाटेकर के नौकर को जीते जी मार डाला

मुंबई में साल 2003 में हुए सीरियल बम धमाके में संतोष को मृत दिखाकर उनके पट्टीदारों ने बनारस के चौबेपुर में उनकी 18 बीघा जमीन हड़प ली। उस दिन के बाद से आज तक संतोष खुद को जिंदा साबित करने के लिए संघर्ष कर रहा है। संतोष प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस का निवासी है। इस मुद्दे पर संतोष ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात भी की है। उन्होंने वर्ष 2012 में ख़ुद को जिन्दा बताने के लिए राष्ट्रपति चुनाव में पर्चा भी भरा था।

दलित लड़की से की थी शादी

वाराणसी के जिस चौबेपुर के छितौनी गांव के संतोष मूरत रहने वाले हैं वहा के लोग भी संतोष का साथ नहीं दे रहे हैं। उसका एक कारण है कि संतोष ने मुंबई में एक दलित युवती से शादी कर ली थी। शादी के बाद जब वह गांव आया तो दलित लड़की से शादी के कारण गांव वालों ने उन्हें समाज से बहार कर दिया। संतोष के माता-पिता का निधन हो चुका था। उसकी तीन बहने थी जिनकी शादी हो चुकी है। संतोष बताते हैं कि उन्हें अब भी नाना पाटेकर का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने एक रेडियो चैनल में उनके लिए अपील जारी की और अब भी उनकी हर तरह मदद करते हैं। नाना पाटेकर के रसोइया रहे संतोष मूरत खुद को जिंदा साबित करने के लिए जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के लोग धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगे। इसमें करीब एक हजार लोगों के आने की संभावना है।

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