NASA ने खोजा नया सोलर सिस्टम, पृथ्वी जैसे 7 ग्रहों में से 3 पर जीवन की संभावना

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वाशिंगटन। नासा के वैज्ञानिकों ने हमारे ही तरह का एक और सोलर सिस्टम खोज निकाला है। वैज्ञानिकों ने पृथ्वी के आकार जैसे सात नए ग्रहों को खोजा है जिनमें से तीन पर धरती की तरह जीवन की संभावना भी जताई गई है। इस संबंध में नासा ने अपने वॉशिंगटन स्थित मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। दरअसल, खगोल विज्ञानी पहले भी सात अन्य ग्रहों की खोज कर चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब धरती के आकार जैसे इतने सारे ग्रह मिले हैं। नासा ने इस खोज की घोषणा अपने वॉशिंगटन स्थित मुख्यालय में आयोजित न्यूज कॉन्फ्रेंस में भी की है।

नासा के वैज्ञानिकों

 

नासा के वैज्ञानिकों ने बताया, पृथ्वी से 40 हजार प्रकाश वर्ष की दूरी पर जीवन

वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह सभी ग्रह एक ही तारे की परिक्रमा करते हैं। पृथ्वी से 40 हजार प्रकाश वर्ष दूर स्थित इन ग्रहों पर पानी और जीवन की संभावना जताई गई है। विज्ञान पत्रिका नेचर ने प्रमुख शोधकर्ता माइकल गिलॉन के हवाले से बताया कि ये ग्रह ट्रेपिस्ट-1 नामक ड्वार्फ स्टार का चक्कर काटते हैं। यह तारा बृहस्पति से थोड़ा बड़ा है। इसकी रोशनी पृथ्वी के सूर्य से 2,000 गुनी कम है। खगोल विज्ञानियों ने पहले भी अन्य सात सौरमंडल का पता लगाया है लेकिन पहली बार पृथ्वी के आकार के इतने ग्रहों का पता चला है।

शोधकर्ताओं को इन ग्रहों में से एक की दो बार झलक दिखी। फिर बाद में नासा के स्पिट्जर स्पेस टेलीस्कोप से तारे को देखा गया। जानकारों की माने तो अगले कुछ दशकों में शोधकर्ता इन ग्रहों के वातावरण के संबंध में पता लगाने का प्रयास करेंगे जिससे यह पक्का हो पाएगा कि उनकी सतह पर पानी एवं जीवन की संभावना है भी या नहीं। हालांकि, 40 प्रकाश वर्ष सुनने में तो बहुत ज्यादा नहीं लग रहा है, लेकिन उन तक पहुंचने में हमें लाखों वर्ष लग जाएंगे।

ट्रैपिस्ट-1 : वैज्ञानिकों ने एक सोलर सिस्‍टम खोजने का दावा किया है, जिसमें सात ग्रह हैं। ये पृथ्‍वी से 39 प्रकाश वर्ष दूरी पर स्थित है। ये सभी ग्रह ट्रैपिस्ट-1 नामक तारे का चक्‍कर काट रहे हैं। ये एक ड्वार्फ स्‍टार है। जो हमारे सूर्य से 10 गुना तक छोटा और 2.5 गुना ठंडा है। ये सूर्य की अपेक्षा जूपिटर जैसा ज्‍यादा लगता है। ये बात सही है कि इसके ग्रह, पृथ्‍वी की तरह लगते हैं। हालांकि, ये सभी ग्रह एक-दूसरे के काफी पास हैं।

नासा के वैज्ञानिकों

छोटे स्टार ट्रैपिस्ट का लगाते हैं चक्कर, हमारे सूरज से 200 गुना कम रोशनी

  • ये सभी छोटे स्टार ट्रैपिस्ट-1 का चक्कर लगाते हैं। ट्रैपिस्ट हमारे ज्यूपिटर ग्रह से थोड़ा ही बड़ा है। इसकी रोशनी सूरज से 200 गुना कम है।
  • जब सूरज का ईंधन खत्म हो जाएगा, तब हमारी पृथ्वी भी खत्म हो जाएगी। लेकिन यह ग्रह मौजूद रहेगा। ट्रैपिस्ट में हाइड्रोजन गैस काफी धीमे जल रही है।
  • यानी यह ब्रह्मांड की मौजूदा उम्र से 700 गुना ज्यादा चलेगा।

3 प्लैनेट का साल 4, 6 और 9 दिनों का

  • नासा की इस टीम को लीड कर रहे डॉ. क्रिस कोपरवीट ने कहा, “इस खोज ने भविष्य में यूनिवर्स में पृथ्वी के अलावा लाइफ होने की बात को मजबूती मिली है।”
  • इन तीन प्लैनेट के साल 4, 6 और 9 दिन के हैं। यानी ये तीनों प्लैनेट अपने सूरज यानी ट्रैपिस्ट-1 का चक्कर 4, 6 और 9 दिन में पूरा करते हैं। ये तीनों प्लैनेट पृथ्वी से हल्के हैं।

Edited by- Jitendra Nishad

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