EVM से छेड़छाड़ की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने लिया धमाकेदार फैसला, सब रह गए हैरान

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष की मांग हैं कि ईवीएम से चुनाव बंद होने चाहिए। कई नेताओं ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी की है। इसी बीच निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा फैसला लिया है। निर्वाचन आयोग ने नई ईवीएम मशीनें लाने का फैसला लिया है। ये लेटेस्ट मशीनें ‘सेल्फ डायग्नोस्टिक सिस्टम’ से युक्त होंगी। यानी कोई भी छेड़छाड़ होने की स्थिति में ये मशीनें काम करना बंद कर देंगी। यह कदम एक ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब कई दल हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा चुके हैं।

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निर्वाचन आयोग

निर्वाचन आयोग लाएगा नई मशीनें

एम3 श्रेणी की इन नई मशीनों में सही होने की पहचान करने की क्षमता भी होगी। इन मशीनों में परस्पर सत्यापन प्रणाली भी होगी। अगर पहले से तय किन्हीं दो पक्षों के अलावा अन्य कोई भी उनमें बदलाव का प्रयास करेगा तो वह पकड़ा जाएगा। कानून मंत्रालय के मुताबिक, नई ईवीएम के बनने में 1940 करोड़ का खर्च आएगा। ये मशीनें वर्ष 2018 में यानी अगले लोकसभा चुनाव से एक साल पहले आ सकती हैं।

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इलेक्शन कमीशन ने तय किया है कि 2006 से पहले खरीदी गईं 9 लाख 30 हजार 430 ईवीएम को बदल दिया जाएगा। क्योंकि पुरानी मशीनों की लाइफ 15 साल होती है। पिछले साल 7 दिसंबर को मोदी कैबिनेट ने इलेक्शन कमीशन को नई ईवीएम के लिए 1009 करोड़ सेंक्शन किए थे। कैबिनेट ने इलेक्शन कमीशन से कहा था कि नई मशीन को BEL और ECIL से ही बनवाया जाए। इससे पहले 20 जुलाई को कैबिनेट ने 14 नई ईवीएम के लिए 9200 करोड़ सेंक्शन किए थे।

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