फिल्म रिव्यू : बेनूर है सोनाक्षी की ‘नूर’, सबकुछ होकर भी बोर कर देगी ये फिल्म

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फिल्म का नाम : नूर

स्टार कास्ट : सोनाक्षी सिन्हा, कनन गिल, मनीष चौधरी, पूरब कोहली, शिबानी दांडेकर, स्मिता ताम्बे

डायरेक्टर : सनहिल सिप्पी

रेटिंग : 2

नूर

नूर फिल्म रिव्यू

कहानी

मुंबई। ये कहानी नूर रॉय चौधरी (सोनाक्षी सिन्हा) नाम की एक ऐसी लड़की की है जो अपनी ही धुन में खोई रहती है। नूर पेशे से जर्नलिस्ट है जो मुंबई में बज चैनल के लिए न्यूज रिपोर्टिंग करती है। नूर का इंटरेस्ट जनरल और रियलिटी बेस्ड न्यूज में होता है, लेकिन अपने बॉस (मनीष चौधरी) के कहने पर उसे बॉलीवुड की खबरें ज्यादा कवर करनी पड़ती है। नूर के घर में उसके पिता हैं, साथ ही घर के बाहर उसकी दोस्त जारा (शिबानी दांडेकर) और साद सहगल (कनन गिल) हैं, जो हमेशा उसकी देख रेख करते रहते हैं। नूर का एक खास दोस्त अयान बनर्जी (पूरब कोहली) भी है, जो उसके लिए काफी स्पेशल है। नूर खुद से ज्यादा बातें करती हैं और अपनी ही दुनिया में खोई रहती हैं। कहानी में ट्विस्ट तक आता है जब एक दिन नूर बड़े स्कैम पर स्टोरी कवर करती है, लेकिन उसकी ये स्टोरी चोरी करके कोई और अपने नाम से चला देता है। इसी दौरान कहानी में कई मोड़ आते हैं और कहानी को अंजाम मिलता है जिसे जानने के लिए आपको सिनेमाघर का रुख करना पड़ेगा।

निर्देशन

सनहिल सिप्पी ने अच्छा काम किया है। लोकोशन्स, डायलॉग्स और सिनेमैटोग्राफी बढ़िया है, लेकिन कहानी काफी बोरिंग है। फिल्म की कहानी प्रसिद्ध नावेल पर आधारित है, उसमें कई सारे उतार चढ़ाव और थ्रिलिंग एलिमेंट्स होते हैं पर फिल्म को कोई और ही रूप दे दिया गया है जिसकी वजह से काफी फीकी-फीकी सी कहानी बन गयी। कहानी को और भी ज्यादा मजबूत और दिलचस्प बनाने की सख्त जरूरत थी। क्लाइमैक्स भी कुछ खास नहीं है। जर्नलिस्ट की लाइफ पर थोड़ी और रिसर्च वर्क की जरूरत थी।

एक्टिंग

जर्नलिस्ट के रोल में सोनाक्षी सिन्हा ने काफी अच्छा काम किया है। फिल्म के बाकी कैरेक्टर्स ने भी ठीक-ठाक काम किया है।

म्यूजिक

फिल्म का संगीत अच्छा है। गुलाबी आंखें.., उफ ये नूर… जैसे गाने कहानी के साथ जाते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी कमाल का है।

देखें या नहीं

सोनाक्षी सिन्हा के फैन हैं तो फिल्म देखने जा सकते हैं।

 

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