नेपाल में भी रहता है खिचड़ी मेले का इंतजार

वेद प्रकाश पाठक/गोरखपुर। नेपाल से चढ़ाने के लिए आती है खिचड़ी। गोरखपुर में गोरखनाथ का खिचड़ी मेला, भारत का एक ऐसा मेला है जिसका आगाज पड़ोसी देश नेपाल की सहभागिता के साथ होता है। यह परम्परा वर्षों से चली आ रही है। गोरक्षपीठ परिसर में एक महीने के इस मेले का शुभारम्भ मकर संक्रांति के साथ होता है। इस बार मेला 15 जनवरी से शुरू हो रहा है।

नेपाल

नेपाल राजपरिवार से आती है खिचड़ी

खास बात यह है कि मकर संक्रांति के दिन मंदिर का कपाट बंदकर पूजा-पाठ चलता है। इस पूजा को किसी ने देखा तो नहीं लेकिन पूजा से जुड़े करीबी लोगों का दावा है कि सबसे पहले पीठ को खिचड़ी चढ़ाई जाती और फिर नेपाल के राजपरिवार से भेजी गई खिचड़ी बाबा को अर्पित की जाती है। यहां भारत के लगभग सभी राज्यों से श्रद्धालु आते हैं। नेपाल से बड़ी तादात में श्रद्धालु शिरकत करते हैं। गोरक्षपीठ और नेपाल राजघराने का बहुत ही पुराना संबंध है। दोनों देशों की निकटता में खिचड़ी मेले की बेहद अहम भूमिका रही है।

नेपाल

एक दिन पहले ही उमड़ी आस्था

गोरखनाथ मंदिर प्रशासन ने मकर संक्रांति तिथि की घोषणा पहले ही कर दी थी। आदित्यनाथ ने बताया था कि 15 जनवरी को मकर संक्रांति है जबकि 26 जनवरी को बुढ़वा मंगल की खिचड़ी चढ़ेगी। चूंकि हर साल 14 जनवरी को खिचड़ी होती है लिहाजा इस साल भी मुख्य पर्व के एक दिन पहले ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए और दर्शन कर बाबा को खिचड़ी चढ़ाई।

गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने देशवासियों को मकर संक्रांति, खिचड़ी पर्व पर ढेर सारी बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि मकर संक्रान्ति महापर्व का पर्व एवं त्योहारों की परम्परा में एक विशिष्ट स्थान है। उन्होंने मकर संक्रांति पर्व के हिन्दू समाज और राष्ट्र के लिए मंगलकारी होने की कामना की है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button