बागी विधायकों के मामले की अगली सुनवाई सात को

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नैनीताल हाईकोर्टनैनीताल। उत्तराखंड में सियासी गर्मी जोरों पर चल रही है। उत्तराखंड में कांग्रेस के बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने आज सुनवाई को ‌स्थगित कर दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 7 मई को होनी है।

नैनीताल हाईकोर्ट ने 9 मई की दी तारीख

नैनीताल हाईकोर्ट ने पहले ही अगली सुनवाई के लिए 9 मई की तारीख दी, लेकिन बागी विधायकों के अधिवक्ता की ओर से इस प्रकरण पर जल्द सुनवाई के लिए अर्जी लगाई गई। जिसके बाद कोर्ट ने 5 मई की तारीख दिया था। इस मामले में न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकल पीठ के समक्ष सुनवाई होनी थी।

कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मामले में बागियों के मुख्य पैरवीकार सीए सुंदरम के हाईकोर्ट न पहुंचने की वजह से सुनवाई नौ मई तक टल गई थी।

आग की वजह से नहीं पहुंच पाए बागी विधायकों के वकील

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सीए सुंदरम के सहायकों ने कोर्ट को बताया था कि नैनीताल के जंगलों में आग की वजह से उनके हेलीकॉप्टर को नैनीताल के लिए उड़ान भरने की इजाजत नहीं मिली। हालांकि उनका चार्टर्ड प्लेन दिल्ली से पंतनगर पहुंच चुका था। इसलिए सुंदरम और उनके सहयोगी नैनीताल हाईकोर्ट नहीं पहुंच पाए।

सीए सुंदरम रखेंगे अपना पक्ष

सुनवाई के दौरान इस मामले में स्पीकर और शिकायतकर्ता के अधिवक्ता अमित सिब्बल ने न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ को बताया था कि बर्खास्त विधायकों ने अपनी याचिका में कहीं भी यह नहीं कहा है कि उन्हें दूसरे मुख्यमंत्री के साथ कांग्रेस सरकार चाहिए।

इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजेश्वर सिंह ने कोर्ट को बताया था कि उन्होंने 18 मार्च को स्पीकर और राज्यपाल को ज्ञापन दिए थे, जिसमें हरीश रावत सरकार के अल्पमत में होने की बात कही गई थी। बागी विधायकों के भाजपा के साथ होने के आरोप पर उन्होंने कहा कि बस की व्यवस्था प्रशासन ने की थी।

पक्षों की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए बागी विधायकों की ओर सीए सुंदरम को पक्ष रखने की अनुमति दे दी थी।

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