नोटबंदी के बाद देश में कैश की भारी कमी : आरबीआई

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मुंबई,(मोहम्मद शोएब खान)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 1000 और 500 रुपए के पुराने नोट बंद करने का फैसला लिया था। जिसके बाद देश में कैश की भारी कमी हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ग्रामीण इलाकों में नकदी की कमी को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक बैंकों से कहा है कि वे कम से कम 40 फीसदी नकदी ग्रामीण शाखाओं में भेजें।

आरबीआई

आरबीआई ने माना नोटों की कमी

आरबीआई ने एक अधिसूचना में कहा, “बैंकों द्वारा ग्रामीण इलाकों में की जा रही नोटों की आपूर्ति ग्रामीण आबादी की जरूरतों के मुताबिक नहीं है। इसलिए बैंकों को सलाह दी जाती है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी), केंद्रीय जिला सहकारी बैंक (डीसीसीबी) और वाणिज्यिक बैंक, व्हाइट लेबल एटीएम और पोस्ट ऑफिस को प्राथमिकता के आधार पर नकदी की आपूर्ति करें।”

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों से ग्रामीण इलाकों के लिए 500 रुपये, 100 रुपये और उससे कम के ज्यादा नोट जारी करने के लिए कहा। साथ ही प्राथमिकता के आधार पर सिक्कों की आपूर्ति करने को कहा और कहा कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बैंक से भी इसे लिया जाए।

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि ग्रामीण आबादी की जरूरत प्रत्येक जिले की ग्रामीण और शहरी आबादी के मिश्रण के आधार पर भिन्न होती है। इसलिए बैंक साप्ताहिक औसत आधार पर प्रत्येक जिले की जरूरत के अनुरूप नकदी की आपूर्ति सुनिश्चित करें।

सरकार ने 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी कर दी और इसे भ्रष्टाचार, काला धन और आतंकवाद के वित्त पोषण के खिलाफ लड़ाई करार दिया था। इस कदम से देश भर में नकदी की कमी हो गई है।

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