नोटबंदी के 20वें दिन भी कतार में खड़ा है आन्ध्र प्रदेश व तेलंगाना

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हैदराबाद: नोटबंदी के तीन हफ्तों बाद भी तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में लोगों को नकदी की कमी से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को नोटबंदी का 20वां दिन पूरा होने के बावजूद आम जनता को अभी तक राहत नहीं मिली है और लोग एटीएम और बैकों के आगे नकदी निकालने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं। हैदराबाद में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर लोग पुराने बंद हो चुके नोटों को 2000 रुपये के नए नोटों के साथ बदलने के लिए लंबी लाइनों में खड़े थे।

नोटबंदी

नोटबंदी का टीस झेल रहा तेलंगाना व आन्ध्र प्रदेश 

एक दिहाड़ी मजदूर के. रामकृष्णा ने बताया, “मैं यहां चार घंटों से खड़ा हूं। मैं रोजाना 300 रुपये कमाता हूं, लेकिन आजकल कमाई नहीं हो रही है। क्योंकि मैं यहां अपने 500-500 रुपये के पुराने नोट बदलने के लिए लाइन में खड़ा हूं।” अब महीना पूरा होने को आया और लोग चिंतिंत हैं कि वे अपने मासिक खर्च जैसे किराया, बच्चों की फीस आदि के भुगतान कैसे करेंगे।

हैदराबाद के निजी और सरकारी बैंक की शाखाओं में लंबी लाइनें लगी हैं और बैंकों की नकदी जल्द ही खत्म हो जा रही है। नतीजा है कि लोग बैंककर्मियों के साथ नोंकझोंक कर रहे हैं। बैंककर्मी उन्हें बता रहे हैं कि जितनी नकदी दी, वे सब बांट चुके हैं और अब वे असहाय हैं।

यही हाल बैंकों की एटीएम का है। केवल 10 से 15 फीसदी एटीएम ही काम कर रहे हैं। अभी तक हैदराबाद में 500 के नए नोट नहीं पहुंचे हैं। जो लोग एटीएम से पैसे निकालने में सफल हुए हैं वे भी 2000 के नए नोट का छुट्टा कराने को लेकर परेशान हैं।

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के दिहाड़ी मजदूर नंदीकटकुर ने पिछले चार दिनों से 2000 रुपये का छुट्टा नहीं कर पाने के कारण जहर पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। उनके परिवारवालों ने कहा कि वह काफी चितिंत था, क्योंकि इतनी बड़ी रकम का कोई भी छुट्टा नहीं दे रहा था।

गुस्साए ग्राहक बैंकों पर हमला कर रहे हैं। गुंटूर जिले के अमरावती में आंध्र बैंक की शाखा पर नकदी नहीं होने के कारण ग्राहकों ने हमला कर दिया।  वहीं, गुंटूर जिल में प्रतिपादू में एक दूसरे बैंक की शाखा में ग्राहकों की बैंककर्मियों से तीखी नोंकझोंक हुई। ग्राहकों ने बैंककर्मियों के अशिष्ट व्यवहार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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