नोटबंदी के 32वें दिन मोदी जी से पूछा गया कहां है कैश ?

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देहरादून। पीएम मोदी के पुराने नोट बंद करने वाले फैसले से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पुराने नोटबंदी का आज 32वां दिन है। पैसे के लिए बैंक के बाहर लंबी कतार लगी हुई है। वहीं अभी तक कैश की परेशानी दूर नहीं हुई है। आरबीआई से नई करेंसी की खेप दून पहुंचने के बाद एटीएम और बैंकों के बाहर लाइन कम होने का नाम नहीं है।

नोटबंदी

नोटबंदी के बाद कैश के लिए मारा मारी

नोटबंदी के बाद नकदी के लिए मारामारी है। जिन एटीएम से कैश निकल रहा था वहां कतार लगी हैं। नोटबंदी के बाद नकदी की किल्लत ने लोगों को ही नहीं, बैंकों को भी परेशान कर रखा है। 24 नवंबर से बैंकों में नकदी का संकट है। शहर के प्रमुख बैंकों में इधर-उधर से इंतजाम कर लोगों को जरूरत के मुताबिक नकदी दी जा रही है।

वेतन व पेंशन लेने के लिए लाइन में खड़े हैं लोग

माह की शुरुआत में वेतन व पेंशन लेने के लिए लोग बैंक पहुंच रहे हैं। लेकिन, उन्हें मनमाफिक कैश नहीं मिल पा रहा है। एटीएम में भी दो हजार रुपये निकालने के लिए लोगों को कतारों में खड़े होकर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बैंकों की करेंसी चेस्ट में मांग के अनुरूप कैश नहीं होने से दिक्कतें रही।

कुछ लोगों को मिल रहे हैं 50 हजार रूपये

शाखाओं को थोड़ा-थोड़ा कैश बांट गया ताकि कैश के लिए आने वाले लोगों को राहत मिल सके। कुछ बैंकों ने चालू खाता वालों को 50 हजार रुपये तक भी दिए। पीएनबी के अधिकारियों के मुताबिक कैश के लिए आने वाले लोगों को जरूरत के हिसाब से नकदी दी जा रही है। जो लोग चलन वाली नकदी बैंक में जमा करा रहे हैं उन्हें ही लोगों में बांटा जा रहा है।

दिनभर एटीएम से कैश निकालने के लिए लोग बैंक शाखाओं के साथ एटीएम पर लंबी लाइन लगाए रहे। शहर में पीएनबी व एसबीआई के कुछ एटीएम से लोगों को कैश मिला। वहीं अन्य बैंकों के एटीएम बंद ही रहे। बैंक अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश एटीएम खाली हो गए हैं।

बता दें कि यहां कैश न होने की वजह से एक दुल्हन की विदाई रुक गई। वहीं एक व्यक्ति को पैसा न मिलने की वजह से इलाज नहीं हो पाया। जिससे उस शख्स की मौत हो गई।

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