नहीं रुक रहा मौतों का सिलसिला, नोटबंदी ने लीं 2 और जानें

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हैदराबाद। तेलंगाना में नोटबंदी के कारण दो और लोगों की जान चली गई। एक दुखी किसान और उनके पिता ने आत्महत्या कर ली, क्योंकि उनकी जमीन की कीमत काफी गिर गई। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि घटना सिद्दिपेट जिले के धर्माराम गांव की है, जहां बुधवार को एक किसान वी. बलैया (40) ने अपने परिवार के तीन अन्य सदस्यों को कीटनाशक युक्त चिकन करी खिला दी।

नोटबंदी

नोटबंदी पर जमीन की कीमत अचानक 50 प्रतिशत तक गिर गई

बलैया और उनके पिता वी. गलैया (65) की जहां मौत हो गई। वहीं, उनकी पत्नी और बेटा अस्पताल में जिंदगी व मौत से जूझ रहे हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि किसान अपनी बेटी की शादी के लिए लिया गया कर्ज चुकाने के लिए अपनी कृषि भूमि बेचने का प्रयास कर रहा था, जिसके लिए कुछ सप्ताह पूर्व उसे 12 लाख रुपये का प्रस्ताव मिला था। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1,000 रुपये के नोटों को अवैध घोषित किए जाने के बाद क्षेत्र में जमीन की कीमत अचानक 50 प्रतिशत तक गिर गई। इससे दुखी किसान ने आत्महत्या कर ली।

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के स्थानीय विधायक एस. रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की आत्महत्या की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। तेलंगाना में नोटबंदी के कारण अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है। हैदराबाद में बैंक में पुराने नोट जमा कराने के लिए कतार में खड़े एक वृद्ध का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, वहीं निजामाबाद जिले में फाइनेंसर द्वारा वाहन की ऋण अदायगी के लिए पुराने नोट न लेने पर एक ऑटो रिक्शा चालक ने खुद को आग लगा ली।

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