नेहरू की पंचवर्षीय योजना पर पीएम मोदी की नजरें टेढ़ी

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नई दिल्‍ली। मोदी सरकार एक-एक करके कांग्रेस की सारी योजनाओं का नाम बदलने में लगी है। योजना आयोग के बाद पीएम मोदी ने पंचवर्षीय योजना का नाम बदलने की तैयारी कर दी है। मोदी सरकार पांच साल की जगह नई योजनाओं को पंद्रह साल चलाने का मूड बना रही है।

पंचवर्षीय योजना

मोदी सरकार के निशाने पर पंचवर्षीय योजना

अभी तक जो खरें मिली हैं उनके मुताबिक पंचवर्षीय योजनाओं के स्‍थान पर नेशंस डेवलपमेंट एजेंडा नाम की योजना लाने जा रही है। यह योजना पांच साल की बजाए पंद्रह साल चलेंगी। मोदी सरकार ने नई योजनाओं को लेकर तर्क दिया है कि पंचवर्षीय योजनाओं के क्षेत्र में इजाफा करते हुए इसके एजेंडा सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों के अलावा रक्षा और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दे भी शामिल होंगे।

2019-20 में होगा मिडटर्म अप्रेजल

खबर मिली है कि एनडीए की हर तीन साल में समीक्षा होगी। यह समीक्षा मिडटर्म अप्रेजल 2019-20 में होगा। इसी समय अगला फाइनेंस कमिशन अवॉर्ड लागू किया जाएगा और नई लोकसभा भी चुनी जाएगी। पीएमओ से जुड़े सूत्र के मुताबिक, इस एजेंडे को फाइनेंस कमिशन के साथ जोड़कर सरकार आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता पुख्ता करना चाहती है।

पं नेहरू ने शुरू की थी पंचवर्षीय योजना

केंद्र की मोदी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद योजना आयोग को समाप्त कर दिया था, जिसकी स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने ही 1950 में की थी। मोदी सरकार ने इसका नाम बदलकर नीति आयोग कर दिया। अब यह प्लानिंग के लिए फंड मुहैया कराने की प्रक्रिया में शामिल नहीं है। नेहरू ने ही पंचवर्षीय योजना शुरू की थी।

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