भारत में आतंकी हमले पर पाकिस्तान का ये बयान सुनकर हर भारतीय का खून खौल उठेगा

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इस्लामाबाद पंपोर आतंकी हमले में आठ सीआरपीएफ के मौत हो गई थी। जब इस मामले में भारत में पाकिस्तान के हाईकमिश्नर अब्दुल बासित से इस बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था ‘इफ्तार एन्ज्वाए करो’। जब उनसे दोबारा पूछा कि रमजान के पवित्र महीने में यह हमला किया गया है तो उनका दोबारा भी यही जवाब था कि हम इफ्तार में आए हैं। ऐसे मौके पर सियासी बातें नहीं की जानी चाहिए। पाकिस्तान हाई कमिश्नर के इस बयान पर देखने वाली बात होगी कि भारत की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।

पंपोर आतंकी हमले

पंपोर आतंकी हमले में मारे गए आतंकी पाकिस्तानी थे

आतंकवादियों ने पंपोर में सीआरपीएफ के जवानों को ले जा रही एक बस पर भारी गोलीबारी की थी। इसमें आठ जवान शहीद हो गए थे और 30 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। पंपोर आतंकी हमले लश्कर के आतंकवादियों द्वारा किया गया फिदायीन हमला था। सीआरपीएफ के महानिरीक्षक नलिन प्रभात ने कहा था कि आतंकवादियों के शवों से ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों पाकिस्तानी हैं। निश्चित रूप से लश्कर के हैं और इस बात की पूरी आशंका है कि वे फिदायीन थे।

उन्होंने कहा था कि फायरिंग अभ्यास के बाद बस लौट रही थी। तभी दो आतंकवादियों ने इस पर हमला किया। दोनों एक कार से नीचे उतरे और बस पर अंधाधुंध गोलीबारी की। वे लोग बस के अंदर घुस पाते, इसके पहले ही सीआरपीएफ की रोड ओपनिंग पार्टी ने उन्हें मार गिराया। लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध आतंकवादियों ने श्रीनगर से 14 किलोमीटर दूर फ्रेस्टबल में सीआरपीएफ की 161वीं बटालियन के जवानों को लेकर जा रही बस पर गोलियां चलाईं थी।

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