रेप के बाद नाबालिग लड़की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग रही है इंसाफ

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नई दिल्ली नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म मामले में पटना उच्च न्यायालय से मिली जमानत को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार के आरोपी विधायक को नोटिस जारी किया।

हालांकि, न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति एन.वी. रमन्ना की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि विधायक राजबल्लभ यादव का पक्ष सुने बिना वे ऐसा नहीं कर सकते हैं।

पटना उच्च न्यायालय

पटना उच्च न्यायालय ने आरोपी को दी जमानत

नोटिस में 17 अक्टूबर तक जवाब देने को कहा गया है। शीर्ष अदालत ने बिहार सरकार को आरोपी को निजी तौर पर नोटिस थमाने की अनुमति दी।नोटिस जारी करते हुए न्यायमूर्ति ए.के.सीकरी ने कहा, “पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश जमानत मामले की सुनवाई कर रहे हैं।”

नवादा से विधायक राजबल्लभ यादव पर आरोप है कि उन्होंने इस साल फरवरी महीने में बिहारशरीफ स्थित अपने निवास पर एक स्कूल जाने वाली लड़की के साथ कथित दुष्कर्म किया था।राष्ट्रीय जनता दल विधायक यादव को इस घटना के सामने आने के बाद पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। लेकिन, राज्य विधानसभा में वह अभी भी राष्ट्रीय जनता दल के विधायक बने हुए हैं।

क्या था पूरा मामला

नालंदा जिले के रहुई थाने के सुल्तानपुर की 15 वर्षीय नाबालिग लड़की ने नालंदा महिला थाने में इसी साल 9 फरवरी को दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी।दर्ज प्राथमिकी में नाबालिग ने आरोप लगाया था कि 6 फरवरी को बिहार शरीफ के धनेश्वर घाट मुहल्ले की सुलेखा देवी उसे एक जन्मदिन की पार्टी में ले जाने के बहाने गिरियक ले गई।

आरोप है कि सुलेखा ने नाबालिग को नवादा के विधायक राजबल्लभ के हवाले कर दिया और विधायक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। लड़की को 7 फरवरी को बिहारशरीफ में उसके घर छोड़ दिया गया और उसे मुंह बंद रखने की धमकी दी गई।

 

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