‘पटौदी’ और ‘जेसिका’ के लिए किया गया हवन कार्यक्रम

इटावा। लायन सफारी में एक शेरनी की मौत और पटौदी और जेसिका की बीमारी ने अधिकारीयों को भगवान् की शरण लेने को मजबूर कर दिया है। मुख्यमंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट में लगातार शेरों व शावकों की मौत से अधिकारी भी दहशत में हैं। हालांकि बीमार पटौदी और जेसिका के इलाज की खातिर लन्दन से डॉक्टर आये हुए हैं। पटौदी और जेसिका के जल्द ठीक होने की कामना को लेकर सफारी में हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अधिकारियो ने भी हिस्सा लिया।

‘पटौदी’ और ‘जेसिका’

पटौदी और जेसिका के लिए गुजरात से आया कीपर

 

एक सप्ताह पूर्व एक शेरनी तपस्या की मौत के बाद प्रमुख वन रक्षक को मुख्यमंत्री द्वारा हटा दिया गया था। वहीं शेर पटौदी व शेरनी जेसिका की बीमारी को देखते हुए लंदन से डॉक्टर को बुलाकर इलाज कराया जा रहा है। शेरनी जेसिका के कीपर दोस्त मुहम्मद को गुजरात से बुलाया गया था। इस सब के बावजूद अब अधिकारी व कर्मचारी दवा के साथ साथ दुआ के लिए जुट गए हैं। उन्हें लगता है कि कितनी जल्दी यह शेर स्वस्थ हो जाएं। जिससे उनके ऊपर लटक रही कार्यवाही की तलवार हट सके। इसी के चलते सोमवार को लायन सफारी में हवन कार्यक्रम रखा गया। जिसमें शेरो के स्वस्थ होने की कामना की गई। चार घण्टे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान व हवन में अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल हुए।

लायन सफारी में छाए संकट के बादल

 

लायन सफारी में शेरो की मौत के बाद से संकट के बादल छाये हुए हैं। इसके कारण मुख्यमंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की शुरुआत नहीं हो पा रही है। सरकार की मंशा है कि इसी वर्ष मार्च में इसे चालू कर दिया जाये। इसीके चलते दवा के साथ दुआ के भी जतन किये जा रहे हैं।

शेरनी तपस्या की हो चुकी है मौत

 

एक सप्ताह पहले लायन सफारी में तपस्या शेरनी की मौत हो चुकी है। इस मामले में प्रमुख वन संरक्षक एस के उपाध्याय को सी एम अखिलेश यादव ने तत्काल प्रभाव से हटा दिया था। तपस्या शेरनी की बीमारी को लेकर बरती गयी लपरवाही पर यह कार्यवाही की गई थी।

लायन सफारी को बनाया गया विश्वस्तरीय

 

बीते साल लायन सफारी का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि लायन सफारी को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है और विशेषज्ञों से निरंतर परामर्श कर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। बब्बर शेर प्रजनन केन्द्र तथा लॉयन सफारी पार्क की स्थापना के तहत ब्रीडिंग सेन्टर, अस्पताल, एनिमल हाउस, इण्टरप्रिटेशन सेन्टर आदि की स्थापना हो चुकी है। फिशर फारेस्ट के करीब एक हजार एकड़ क्षेत्र में शेरों के वास स्थल का विकास कार्य किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को नगर की सड़कों की मरम्मत का कार्य तथा अन्य विकास कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए थे।

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