पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन में किसी अंदर के आदमी की मदद से घुसे थे आतंकी

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पठानकोट एयरफोर्स स्टेशननई दिल्ली। पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए हमले में सुरक्षा एजेंसियों को जिसकी आशंका थी आखिर जांच में भी वही सच साबित होकर सामने आ रहा है। एनआईए की जांच में लगभग यह साबित हो चुका है कि इस हमले में आतंकी किसी अंदर के ही शख्स की मदद से भारत में घुसे थे।

पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन में कहां से घुसे आतंकी?

एनआईए को इस मामले में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक 10 फीट की एयरबेस बाउंड्री पर लगे तार को अंदर से काटा गया हो सकता है, बाहर से नहीं। जांच एजेंसियों को जिस हालत में तार मिला था, उससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तार अंदर से काटा गया है या बाहर से? लेकिन दोनों ही हालात में निशान भी अलग-अलग ही बनेंगे।

हमले के तुरंत बाद ही इस जगह का मुआयना करने के बाद आशंका जताई गई थी कि हमलावर आतंकियों ने नहीं बल्कि भीतर से उनके किसी मददगार ने बाड़ को काटा है। दरअसल, जहां की बाड़ काटी गई है, वहां की लाइट काम नहीं कर रही थी। घुसपैठ के लिए इस जगह को चुनने की वजह से यह साफ है कि इसमें कोई ऐसा शख्स जरूर शामिल था, जिसे पता हो कि इस इलाके में अंधेरा होगा।

जहां से आतंकी एयरबेस में दाखिल हुए थे, उसके दूसरे तरफ ही फायरिंग रेंज थी। यहीं पर एक ऊंची दीवार भी है। यह माना जा रहा है कि इसी दीवार का इस्तेमाल आतंकियों ने ढाल की तरह किया होगा। ताकि फायरिंग के दौरान गोलियां उन्हें न लगें।  ये जगह आतंकियों के छिपने के लिए सबसे सुरक्षित रही होगी। बड़ी बात ये कि करीब 22 घंटे तक आतंकियों का पता भी नहीं लगाया जा सका था। 25-26 किमी के घेरे में केवल इसी रोड से अंदर आया जा सकता है। इसकी पेट्रोलिंग न होना भी सवाल खड़े करता है।

जांच के अंतिम पड़ाव पर एनआईए एयरबेस के भीतर से की गईं कॉल्स के रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। एयरबेस में रहने वाले परिवारों से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या उन्होंने घुसपैठ की जगह के आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि देखी थी।

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