सात साल पहले जलाकर की थी पत्नी की हत्या, कोर्ट ने अब सुनाई सजा

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विकासनगर।  साल 2010 में उत्तराखंड के डांडा जीवनगढ़ मोहल्ला शिवपुरी में हुए दहेज हत्या के मामले में अभियुक्त प्रदीप कुमार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सुल्तान ने सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए उस पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मिली जानकारी के अनुसार, रामजीलाल ने अपनी पुत्री रीना की शादी 13 अप्रैल 2008 में प्रदीप कुमार से करवाई थी। शादी के कुछ समय के बाद से प्रदीप अपनी पत्नी रीना को दहेज को लेकर तंग करने लगा और रीना से कहने लगा कि वो अपने पिता से दो लाख रुपये लाकर उसे दे।

पत्नी

पत्नी से अक्सर करता था मारपीट, 2 लाख रुपयों के लिए जलाया जिंदा

जब प्रदीप को इस बारे में समझाया गया कि रीना के पिता इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकते, तो प्रदीप ने रीना को और परेशान करना शुरू कर दिया, जिस पर प्रदीप को दो बार 25-25 हजार रुपये दिए गए पर वह खुश नहीं हुआ। इतना ही नहीं, प्रदीप को और भी बुरी आदतों की लत थी। बता दें, प्रदीप को शराब पीने की आदत थी। वह जुआ भी खेलता था और  अक्सर रीना से मारपीट भी करता था।

प्रदीप ने 10 फरवरी 2010 को रीना को जला दिया था। घटना के समय प्रदीप मौके पर मौजूद रहा पर वह झुलसी रीना को अस्पताल नहीं ले गया, जिससे रीना की मौत हो गयी। रीना के पिता रामजीलाल ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी 11 फरवरी 2010 को कोतवाली की डाकपत्थर पुलिस चौकी में तहरीर दी थी कि उनके दामाद प्रदीप कुमार ने उनकी पुत्री रीना की दहेज के चक्कर में हत्या कर दी।

इस पूरे मामले की विवेचना कर तत्कालीन सीओ गिरीश चंद बिजल्वाण ने चार्जशीट कोर्ट में पेश की। मामले में 33 गवाहों में से 12 गवाहों को परीक्षित कराया गया। जिसके बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सुल्तान ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त प्रदीप को दोषी मानते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनायी।

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