पनामा पेपर्स लीक : अमिताभ, ऐश्वर्या समेत सभी इंडियंस को आयकर विभाग का नोटिस

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पनामा पेपर्स लीकनई दिल्ली। पनामा पेपर्स लीक के मामले में फंसे भारतीयों की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। पनामा की फर्म मोसेक फोंसेका के सभी भारतीय क्लाइंट्स को इनकम टैक्स इनवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने नोटिस भेजे हैं। खबर के मुताबिक अलग अलग शहरों के तकरीबन 50 लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। इन लोगों को नोटिस का जवाब तीन दिनों में देना है।

पनामा पेपर्स लीक में इनकम टैक्स का नोटिस

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट 15 दिन के अंदर पेश करने को कहा था। इसके बाद ही ये कार्यवाही की गई। नोटिस को दो भागों में भेजा गया है। पहले हिस्से में उनसे इस बात पर सफाई मांगी गई है कि क्या उन्हीं का नाम इस लिस्ट में शुमार है। दूसरे हिस्से में पूछा गया है कि क्या उन्होंने इस लिस्ट में सामने आए नामों पर कोई टिप्पणी दी है।

नोटिस का दूसरा पार्ट ज्यादा डीटेल में है। इन लोगों ने इस फर्म से जुड़ने की कोई अनुमति ली या नहीं। इस फर्म को खोलने में किस तरह से पैसों का इस्तेमाल किया गया है। इस कंपनी से जुड़े शेयरहोल्डर, डायरेक्टर, मालिकों की जानकारी मांगी गई है। पैसा निकालने और जमा करने की जानकारी मांगी गई है। इस कंपनी द्वारा जुटाई गई संपत्ति की भी जानकारी मांगी गई है।

इस लीक में बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और उनकी बहू ऐश्वर्या राय बच्चन पर भी आरोप लगे हैं। टैक्स हैवन देश कहे जाने वाले पनामा की लॉ फर्म फोंसेका के खुफिया दस्तावेज लीक होने के बाद इनपर आरोप लगे कि इन दोनों ने अपनी संपत्ति छिपाने में टैक्स हैवन की मदद ली थी। इसमें ये दोनों ही अकेले नहीं हैं बल्कि दस्तावेज लीक होने से दुनियाभर के कई दिग्गज नेता, कारोबारी और सेलेब्रिटीज इसके लपेटे में आ गए हैं। इन हस्तियों में डीएलफ के मालिक केपी सिंह और गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी भी शामिल हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, अमिताभ बच्चन को चार कंपनियों का डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। इनमें से तीन बहामास में थीं। इन कंपनियों की आधि‍कारिक तौर पर कैपिटल 5 हजार से 50 हजार डॉलर के बीच में थी, लेकिन ये कंपनिया उन शिप्स का कारोबार कर रही थीं, जिनकी कीमत करोड़ों में थी। लिस्ट में ऐश्वर्या का भी नाम है। ऐश्वर्या को पहले एक कंपनी का डायरेक्टर नियुक्त किया गया था, बाद में उन्हें कंपनी का शेयर होल्डर घोषि‍त कर दिया गया।

 

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