कानपुर में उग्र भीड़ ने पुलिसवालों को जमकर पीटा, जानिए क्या है पूरा मामला

कानपुर। कानपुर के एक नर्सिंग होम में एक युवती के साथ हुए रेप ने विक्राल रूप धारण कर लिया। बर्रा के जागृति नर्सिंग हो में एक युवती के साथ कथित तौर पर रेप की घटना सामने आई है। हालांकि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन पीड़िता की मांग है कि नर्सिंग होम बंद करवाया जाए। जिसे लेकर शनिवार सुबह जमकर उत्पात हुआ। सुबह करीब 9 बजे सैकड़ों लोगों की भीड़ बाईपास पर हंगामा करने लगी। इसी दौरान भीड़ और पुलिसवालों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें करीब पांच पुलिसवाले गंभीर रूप से घायल हो गए।

पब्लिक ने पुलिसवालों

पब्लिक ने पुलिसवालों को दौड़ा- दौड़ाकर पीटा, पांच घंटे तक चला घमासान

भीड़ इतनी उग्र हो गई थी कि उन्होंने एक पुलिसवालों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था।  उसे एक इंस्पेक्टर ने रिवॉल्वर दिखाकर बचाया। ये घमासान कबीर पांच घंटे तक चला। फिलहाल पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया है। इस मामले का वीडियो भी बनाया गया है। बर्रा थाने में 28 नामजद समेत 300 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है। देर रात तक 20 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

ये है पूरा मामला, नर्सिंग होम में युवती के साथ हुआ रेप

युवती की शिकायत पर पुलिस ने जागृति नर्सिंग होम से यूसुफ नाम के आरोपी को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार सुबह करीब 9 बजे एक युवती के उकसावे पर सैकड़ों लोग बर्रा बाईपास पर पहुंच गए। उनकी मांग थी कि जागृति नर्सिंग होम बंद करा इसके मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आधे घंटे में डायल-100 के अलावा एसपी साउथ अशोक वर्मा, गोविंदनगर सीओ और फोर्स पहुंच गई। भीड़ में कुछ युवकों ने ट्रकों को रोककर तोड़फोड़ की कोशिश की। आरोप है कि भीड़ को शांत कराने के दौरान कुछ पुलिसवालों ने रेप पीड़िता के परिवारीजनों से बदतमीजी कर दी। इससे लोग उग्र हो गए। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें महिलाओं को भी पीटा गया। इसके बाद पब्लिक ने जोरदार पथराव कर दिया। इस बीच कुछ उपद्रवियों ने पेट्रोल पंप के पास फजलगंज थाने के दरोगा लाखन सिंह को दबोच लिया। उन्हें ईंट-पत्थरों और डंडों से जमकर पीटा गया। कई युवकों ने रोड पर गिरे दरोगा को लातें भी मारीं। अपने अकेले साथी को पिटता देख इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने सर्विस रिवॉल्वर दिखाकर भीड़ को दौड़ा लिया। इसके बाद गंभीर रूप से घायल दरोगा को हॉस्पिटल भेजा गया, उनके सिर पर 18 टांके लगे हैं।

पीड़िता पर दोबारा मेडिकल जांच का दबाव बना रही पुलिस

उधर पीड़िता के घरवालों का आरोप है कि पुलिस हॉस्पिटल वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, बल्कि उन पर ही बेटी का दोबारा मेडिकल कराने का दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं उनके और परिवार वालों पर कार्रवाई और जेल भेजने की धमकी देकर जबरन दोबारा मेडिकल कराने का प्रार्थनापत्र भी लिखवा लिया है।

 

 

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