पहले से है आप को ये बिमारी तो हो सकता है आप को कोरोना स्टडी में दावा…

वैज्ञानिकों की एक स्टडी में दावा किया गया है कि कुछ प्रकार के कॉमन कोल्ड से पैदा हुई इम्यूनिटी कोविड-19 से बचा सकती है. सिंगापुर के ड्यूक-एनयूएस मेडिकल स्कूल में इम्यूनोलॉजी के प्रोफेसर एन्टोनियो बर्टोलेट्टी और उनके कलीग ने ये स्टडी की है. स्टडी में बताया गया कि कोरोना से लड़ने में किस तरह T-Cells प्रभावी भूमिका निभा सकता है.

डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, स्टडी में कहा गया कि कुछ प्रकार के कॉमन कोल्ड से पैदा हुई इम्यूनिटी 17 सालों तक कोरोना से बचाने में कारगर साबित हो सकती है. हालांकि, फिलहाल इस स्टडी को आखिरी निष्कर्ष नहीं माना जा सकता. अब तक किसी भी अन्य देश के स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से इस पर प्रतिक्रिया नहीं आई है.

रिसर्चर्स का कहना है कि जो लोग पहले बीटा कोरोना वायरस की वजह से कॉमन कोल्ड के शिकार हुए हैं, उनके पास कोविड-19 के खिलाफ इम्यूनिटी हो सकती है या फिर वे कोविड-19 से मामूली रूप से ही पीड़ित होंगे.

खासकर OC43 और HKU1 नाम के Betacoronaviruses से कॉमन कोल्ड होने पर बुजुर्ग और युवाओं की छाती में गंभीर संक्रमण पैदा होता है. लेकिन इन वायरस के कई जेनेटिक फीचर कोविड-19, मर्स और सार्स से मिलते हैं.

स्टडी के मुताबिक, कोल्ड के ऐसे मामलों की संख्या काफी है जो कोरोना फैमिली के वायरस की वजह से होते हैं. हालांकि, अब तक इसकी जानकारी नहीं है कि Betacoronaviruses से कितने कोल्ड के मामले होते हैं.

साइंटिस्ट्स का कहना है कि अगर व्यक्ति मिलते-जुलते जेनेटिक मेक-अप वाले वायरस से पहले शिकार हो चुका है तो शरीर में मौजूद मेमोरी टी-सेल्स की वजह से सालों बाद भी वह इम्यून हो सकता है. हालांकि, इस स्टडी को निष्कर्ष तक ले जाने के लिए अभी और ट्रायल की जरूरत है.

स्टडी के लिए कोरोना से ठीक हो चुके 24 मरीज, सार्स से बीमार होने वाले 23 मरीज और 18 ऐसे मरीज के ब्लड सैंपल लिए गए थे जो न तो कोविड-19 और न ही सार्स से संक्रमित हुए. स्टडी में देखा गया कि कोविड-19 या सार्स से संक्रमित नहीं होने वाले आधे लोगों में इम्यून रेस्पॉन्स पैदा करने वाले टी सेल्स मौजूद थे.

हालांकि, कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि 2003 में सार्स के शिकार होने वाले लोगों में कोविड-19 में पाए जाने वाले प्रोटीन को लेकर इम्यून रेस्पॉन्स देखा गया है. इस बात के भी संकेत मिले हैं कि कोविड-19 के मरीजों में लंबे वक्त के लिए टी-सेल्स इम्यूनिटी डेवलप हो सकती है.

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