पहले #MakeInIndia ट्रेनर एयर क्राफ्ट ने भरी कामयाबी की उड़ान

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नई दिल्ली। मेक इन इण्डिया प्रोजेक्ट के तहत भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली हैं। यह उपलब्धि है, अपने देश में स्वदेशी तकनीक से एक ट्रेनर एयर क्राफ्ट तैयार करने की। इसके उद्घाटन उड़ान में भारतीय रक्षा मंत्री मनोहर  पर्रिकर ने ख़ुद भी इस एयर क्राफ्ट में बैठकर सफल परिक्षण किया। उन्होंने बताया कि यह मेक इन इण्डिया कि एक बड़ी कामयाबी हैं।एयर क्राफ्ट

हम आपको बताते है इस एयर क्राफ्ट की पूरी जानकारी

इस एयरक्राफ्ट को हिंदुस्तानी एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है। इसे तीनों सेनाओं के कैडेट्स को ट्रेंड करने में इस्तेमाल किया जाएगा। एचटीटी 40 का पहला प्रोटोटाइप जनवरी 2016 में देश के सामने आया था। हम आपको बता दे कि इसको आफिशियली क्लीयरेंस मिलने में दो साल लग जाएंगे।

यह एयर क्राफ्ट टू सीटर हैं। वायुसेना के पायलटों को इससे प्रशिक्षण में मदद मिलेगी। इस विमान को ग्रूप कैप्टन सी सुब्रमण्यम और ग्रूप कैप्टन वेणुगोपाल ने एचएएल हवाई अड्डा से करीब 10 से 15 मिनट उड़ाया। तीनों सेनाओं के सभी फ्लाइंग कैडेटों के लिए पहले स्तर का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए उपयोग किये जाने के मकसद से तैयार किये जाने वाले इस विमान एटीटी-40 ने पहली उड़ान 31 मई को भरी थी।

इस इस मौके पर पर्रिकर ने एचएएल की टीम को बधाई देते हुए कहा कि  युवा टीम ने सिर्फ एक साल के छोटे से समय अन्तराल में इस एयरक्राफ्ट को तैयार किया और उड़ने लायक बना दिया हैं। इस एयर क्राफ्ट को बनाने में करीब 80% उपकरण स्वदेशी है।  जब्कि करीब 50% उपकरण निजी कंपनियों द्वारा तैयार किया गया है। ये एयरक्राफ्ट निजी कंपनियों और छोटे उद्यमियों के साझा प्रयास का नतीजा है। भारतीय वायु सेना इस एयरक्राफ्ट से काफी खुश होगी।

इससे पहले विदेशी एयरक्राफ्टों के सहारे सेनाओं को प्रशिक्षण दिया जाता था। पहले चरण में फिलहाल वायसेना को 80 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए स्विट्जरलैंड के ट्रेनर पिलाटस पीसी-7 मार्क-2 का उपयोग कर रही है। दूसरे चरण में एचएल द्वारा निर्मित किरण मार्क-2 पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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