यूपी के रिजल्ट में पाकिस्तानी मदरसों के बच्चों की फोटो

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आगरा। हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के खटास भरे रिश्तों से दुनिया वाकिफ है। इसके बावजूद कई बार ऐसी ग‍लतियां हो जाती हैं, जो देशवासियों का सिर शर्म से झुका देती हैं। ताजा वाकया यूपी के आगरा में सामने आया है। यहां शिक्षा विभाग ने पहली कक्षा के रिजल्ट में पाकिस्तानी मदरसे के बच्चों की फोटो छाप दी है। विभाग के अफसर अब सवालों के घेरे में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि एक वर्ग विशेष का ध्यान खींचने के लिए बेसिक शिक्षा‍ विभाग ने यह कदम उठाया था। लेकिन रिजल्ट में फोटो लगाने की तारीफ के चक्कर में अफसरों ने पाकिस्तानी मदरसे के बच्चों की फोटो लगा दी।

पाकिस्तानी मदरसों के बच्चों की फोटो

पाकिस्तानी मदरसों के बच्चों की फोटो

अब कोई जवाब नहीं दे पा रहा है कि रिजल्ट पर पाकिस्तानी मदरसों के बच्चों की फोटो कैसे लग गया। मामला मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक छा गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दबाव में आने के बाद जांच के आदेश दे दिए हैं।

पाकिस्तानी मदरसों के बच्चों की फोटो तब चर्चा में आया था, जब वहां की सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा को बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार करार दिया था। साल 2011 के इस फैसले के बाद पाकिस्तान की यह फोटो काफी चर्चा में आई थी। पाकिस्तान के बेसिक एजुकेशन की साइट www.becs.gov.pk पर भी यह तस्वीर मौजूद है। लेकिन अफसरों को शायद कुछ भी याद नहीं। फिलहाल विभाग यह जानकारी भी नहीं जुटा सका है कि किस अफसर या कर्मचारी की गलती से इतनी फजीहत हो रही है।

शिक्षा विभाग के अफसरों ने रिजल्ट के बैकग्राउंड में यह तस्वीर छापी है। 30 मार्च को पहली बार सामने आए इस मामले में आगरा के बेसिक शिक्षाधिकारी धर्मेंद्र सक्सेना का कहना है कि इस मामले की जांच के आदेश जारी कर दिये गए हैं। जो इस गलती के लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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