पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ पर चला अदालत का चाबुक, ठहराए गए अयोग्य

इस्लामाबाद| संयुक्त अरब अमीरात की कार्य अनुमति (वर्क परमिट) होने की वजह से विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ को भारी खामियाजा उठाना पड़ा है। दरअसल, इस वजह से इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को ख्वाजा आसिफ को संसद सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया।

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने उस याचिका पर अपने फैसले की घोषणा की जिसमें कहा गया है कि ख्वाजा आसिफ ने अपने नामांकन पत्र में विदेश में काम करने का जिक्र नहीं किया था।

तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने आसिफ को संविधान के तहत ‘ईमानदार’ और ‘सच्चा’ नहीं माना। पीठ ने कहा कि वह 2013 में आम चुनाव लड़ने के योग्य भी नहीं थे।

जीओ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह अयोग्यता याचिका पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता उस्मान डार ने दाखिल की थी। इन्होंने एनए-110 संसदीय क्षेत्र से आसिफ के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

याचिकाकर्ता के अनुसार, ख्वाजा आसिफ और अबु धाबी की एक कंपनी इंटरनेशनल मेकनिकल एंड इलेक्ट्रिक को (इमको) के बीच असीमित अवधि के रोजगार अनुबंध के तहत उनके पास तो नेशनल एसेंबली और न ही संघीय मंत्री बनने की योग्यता है।

याचिका के अनुसार, इमको कंपनी ने 2 जुलाई 2011 को आसिफ को अपना पूर्णकालिक कर्मचारी नियुक्त किया था। वे वहां पर कानूनी सलाहकार और विशेष सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।

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