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आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड में दिखा पाकिस्तान का झंडा

चंपावत। आतंकियों के निशाने पर उत्तराखंड चढ़ता दिख रहा है। जिले में स्वतंत्रा सेनानी के स्मृति पटल पर पाकिस्तान का झंडा नजर आया है। इस पटल पर पाकिस्तान के झंडे का निशान बनाया गया है। घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में दहशत और हड़कंप का माहौल है।

चंपावत जिले के एक दूरस्थ गांव में बने स्वतंत्रता सेनानी स्मृति पटल पर पाकिस्तान के झंडे का निशान बनाया गया है। इस झंडे के साथ ही एक मस्जिद भी बनी है और फारसी में कुछ शब्द लिखे गए हैं। इन शब्दों का अर्थ क्या है, ये किसने और क्यों लिखे और इनको लिखने का असली उद्देश्य क्या है य़े कोई नहीं जानता। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटना को गंभीरता से ले रही हैं और जांच शुरू कर दी है।

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पाकिस्तान का झंडा 1

पाकिस्तान का झंडा मिलने से सुरक्षा एजेंसियां चिंतित

हाल ही में पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने रुड़की से चार आतंकी गिरफ्तार किये थे जिनसे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पूछताछ में अहम स्थानों पर बम धमाकों के अलावा प्रदेश के माहौल को बिगाड़ने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की बातें भी सामने आयीं। पाकिस्तान का झंडा बनने से उन खुलासों को बल मिलता दिख रहा है जो आतंकियों ने कही हैं। अब ये किसी की शरारत है या साजिश, दोनों ही स्थितियों में चिंता जरूर पैदा करती है। खासकर तब जब देश में सुरक्षा की मौजूदा स्थितियों और गणतंत्र दिवस को लेकर अलर्ट जारी किये गये हैं।

कोयले से बना है चांद-तारा और मस्जिद

चंपावत मुख्यालय से करीब 56 किलोमीटर दूर चौड़ाकोट गांव है। ये गांव सात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिये आसपास के इलाकों के अलावा पूरे उत्तराखंड में भी जाना जाता है। इस गांव में उत्तराखंड के अलग राज्य बनने से पहले 29 अगस्त 2001 को एक सेनानी स्मृति पटल बना था। इस स्मृति पटल की दीवार के सामने के हिस्से में कोयले से पाकिस्तान के झंडे का निशान चांद-तारा और मस्जिद बनाई गई है। कुछ शब्द फारसी भाषा में भी लिखे गए हैं। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी में आमीन लिखा हुआ है।

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पाकिस्तान का झंडा 5

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी ने कहा कि इस प्रकार की हरकत सेनानियों का अपमान है। उन्होंने पूरे मामले की गंभीरता और गहराई से जांच की मांग भी की। इलाके में आने वाले अजनबी और फेरीवालों पर नजर रखने की भी मांग की गई। चंपावत के नेपाल सीमा से सटे होने के चलते इस तरह की घटना चिंता पैदा करती है। जिले की 90 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगी है। मां पूर्णागिरि धाम भी यहां से करीब 45 किमी की दूरी पर ही है। वहीं एसपी दिलीप सिंह कुंवर का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू को देखा जा रहा है। शांति व्यवस्था और सुरक्षा के लिये जो भी जरूरी कदम होंगे उठाये जायेंगे।

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