पाकिस्तान बोला, ‘हमें नहीं मालूम गुब्बारे कहां से आए’

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पाकिस्तान जयपुर। पाकिस्तान की सीमा के साथ जुड़े राजस्‍थान के बाड़मेर क्षेत्र में गणतंत्र दिवस के दिन उड़कर पाकिस्तान की ओर से आए गुब्‍बारे को लेकर भारत ने विरोध दर्ज कराया है। बीएसएफ अधिकारियों ने अपने पाकिस्‍तानी समकक्षों से बातचीत कर यह विरोध दर्ज कराया। लेकिन पाकिस्‍तानी अधिकारियों ने साफ इनकार कर दिया कि उन्‍हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।

पाकिस्तान क्‍या बोला

यह बैठक पाकिस्तान के खोखरापार क्षेत्र में हुई । हालांकि इस बैठक में संदिग्ध गुब्बारों पर बातचीत एजेंडे में नहीं थी। लेकिन बीएसएफ ने अनौपचारिक बातचीत में यह मुद्दा उठाया। पाकिस्तानी रेंजर्स ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। बैठक में भारतीय टीम का नेतृत्व बीएसएफ बाड़मेर सेक्टर के कमांडर डीआईजी प्रतुल्ल गौतम ने किया, जबकि पाकिस्तान की तरफ सिंध रेंजर्स के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ब्रिगेडियर मोहम्मद अजहर खान मौजूद थे।

क्या है मामला

मंगलवार को गणतंत्र दिवस पर बाड़मेर जिले में पचपदरा इलाके के गुगड़ी गांव के पास नो फ्लाई जोन में कुछ गुब्बारे दिखे थे। इन गुब्बारों को गिराने के लिए जैसलमेर से फाइटर प्लेन सुखोई 30 को भेजा गया था। सुखोई से गुब्बारों पर मिसाइलें दागी गईं और इन्हें नष्ट कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक गुब्बारे 3 मीटर चौड़े और 8 फीट लंबे थे।

संदिग्ध गुब्बारे हो सकता था खतरनाक

जब भारतीय वायुसेना को संदिग्ध वस्तु के उड़ने की भनक लगी तो एयरफोर्स ने इसे जांचने के लिए लडाकू विमान सुखोई 30 को भेजा। इसके बाद पायलट ने संदिग्ध गुब्बारे को खतरनाक मानते हुए उसे मिसाइल से गिरा दिया।

हुआ धमाका

इस घटना के बाद जबरदस्त धमाका हुआ। धमाके की आवाज इतनी ज्यादा थी कि 10 किलोमीटर तक सुनी गई। धमाके की वजह से चार मकानों में दरार भी आई थी। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर गिरे हुए मलबे के टुकड़े की पड़ताल शुरू कर दी।

बाड़मेर क्‍यों था खास

बाड़मेर पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है और यहां पर एयरफोर्स का स्टेशन भी है। दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए जैसलमेर, जोधपुर और नाल एयरफोर्स से ही विमान उड़ान भरते हैं। ऐसे में इस पूरे इलाके में किसी दूसरे विमान की उड़ान पर प्रतिबंध होता है। प्रतिबंध के बावजूद संदिग्ध गुब्बारे जैसी चीज दिखने पर एयरफोर्स ने उसे गिरा दिया।

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