डियर पाकिस्तान, प्लीज हम पर एक परमाणु बम गिरा दो

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परमाणु हथियारों के नाम पर पाकिस्तान हमेशा भारत को धमकाता रहा है। पाकिस्तान कहता है कि उसके पास परमाणु हथियार हैं और जरूरत पड़ने पर वो भारत के खिलाफ इनका इस्तेमाल करने से नहीं चूकेगा। पाकिस्तान को गलतफहमी है कि परमाणु हमला झेलने के बाद भारत दुनिया के दबाव में चुप बैठा रहेगा, क्योंकि हम बड़े शांतिप्रिय और कायर देश हैं। किसी को नहीं पता कि पाक ने ये राय कैसे बना ली। हम कई बार उन्हें कुचल चुके हैं। फिर भी वो पिछले 70 सालों से कश्मीर को छीनने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।

पाकिस्तान

पूर्वी पाकिस्तान खोने के बाद पाक अपनी ही बेवकूफियों से अपना नुकसान करता रहा है। पहला सवाल तो ये कि अगर पाकिस्तान भारत पर परमाणु हमला करता है तो क्या होगा। पाक को ठंडा करने के लिए भारत जवाब में 5-10 परमाणु हथियार उसके परमाणु और सैन्य ठिकानों पर गिरा देगा। इसके बाद भारत पाक से सीधी जंग घोषित कर देगा। दुनिया की सबसे बड़ी फौज, बेहद ताकतवर एयरफोर्स, 1971 में पाक नेवी को ध्वस्त कर चुकी भारतीय नेवी… ये सब एक झटके में एक्टिवेट हो जाएंगे। इसे लेकर आपको कोई शक नहीं होना चाहिए।

इस समय भारत एक गुस्सा देश है जो दशकों से आतंकवाद, टकराव और पाक के साथ जंग झेल रहा है। भारत कोने में खड़ा शेर है जो आज नहीं तो कल, लेकिन झपटेगा जरूर। हम महाभारत में कृष्ण की नीति पर चलने वाले देश हैं कि शांति का हरसंभव प्रयास करो, लेकिन जंग हो ही जाए तो उसमें सब कुछ झोंक दो। कोई भी परिस्थिति सोच लीजिए। भारत का नुकसान जरूर होगा, लेकिन पाकिस्तान के अस्तित्व पर ही संकट आ जाएगा।

बेशक ये इतना आसान नहीं है। पाकिस्तान सरकार की मेज पर कोई परमाणु बटन नहीं है, जिसके दबते ही आधे घंटे में दिल्ली पर हमला हो जाएगा। अगर पाकिस्तान परमाणु हमला करना चाहता है तो उसे एक बड़ी परमाणु रणनीति बनानी होगी। उसे पता है कि एक परमाणु हथियार पर्याप्त नहीं होगा। उसे निर्णय लेना होगा कि कहां मिसाइल से हमला करना है, कहां फाइटर प्लेन्स से या कहां नेवी से और कितने परमाणु हथियारों के साथ। इसके लिए पाकिस्तान को अपने परमाणु हथियार देश के अलग-अलग रणनीतिक स्थानों पर तैनात करने होंगे और पूरी फौज को अलर्ट करना होगा।

क्या पाकिस्तान वाकई ये सब गुप्त तरीके से कर सकता है? पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत को भी महीनों पहले इसका पता चल जाएगा। हम बिजली की तेजी से अपने सभी परमाणु हथियार तैनात कर देंगे और सभी फौजों को हाई अलर्ट कर देंगे। ऐसा होता है तो हालात बहुत अस्थिर हो जाएंगे इससे पाकिस्तान या तो पहले हमला करने में असमर्थ हो जाएगा और अगर हमला किया तो जंग खत्म होने तक पूरी तरह तबाह हो जाएगा। ऐसे में ‘बिग ब्रदर’ अमेरिका का क्या जो पाकिस्तान में डेरा डाले बैठा है?

कहा जाता है पाकिस्तान को तीन ‘A’ चलाते हैं। अमेरिका, अल्लाह और आर्मी। अभी सुपरपॉवर अमेरिका ने पाकिस्तान को कठपुतली बना दिया है। 9/11 के हमले के बाद से अमेरिका ड्राइविंग सीट पर है और पाकिस्तान असहाय। याद है लादेन को किस तरह पाकिस्तानी आर्मी के हेडक्वॉर्टर की नाक के नीचे से निकाल लिया गया था। पाकिस्तान में सीआईए एजेंट्स और स्पेशल फोर्स के जवानों की भीड़ लगी है। ऐसा इसलिए, क्योंकि अमेरिका को डर है कि अगर पाक परमाणु हथियारों को लेकर कोई बेवकूफाना हरकत करता है तो उसका भी नुकसान हो सकता है।

अमेरिका पाक के परमाणु हथियारों को ताले में रखना चाहता है। भारत को बचाने के लिए नहीं, बल्कि खुद को बचाने के लिए। लगभग 10 हजार अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में तैनात हैं। उनके अलावा 13 हजार और ऐसे सैनिक हैं जो नाटो के नेतृत्व में अफगानिस्तान में हैं। वहां अमेरिकी ड्रोन्स भी हैं जो पाकिस्तान आते-जाते रहते हैं और हमला भी कर सकते हैं। क्या पाकिस्तान वाकई अमेरिका की नाक के नीचे से परमाणु हमला कर सकता है? दुनिया का सबसे स्वार्थी देश अमेरिका खुद को परमाणु डर से मुक्त रखने के लिए अपने ही तरीके से काम करेगा।

फिर वर्ल्ड कम्युनिटी का क्या? भारत-पाक के हालात दूसरे विश्व युद्ध जैसे नहीं हैं जब सारी दुनिया हिटलर और उसके सहयोगियों से निजात चाहती थी। यही वजह थी कि हीरोशिमा-नागासकी पर हुए हमले से भी लोगों को कोई दुख नहीं हुआ। अगर पाक और उत्तर भारत में परमाणु हमला होता है तो दक्षिणी चीन को भी रेडिएशन का खतरा होगा। इस समय आतंकवाद दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है। खासकर अगर आतंकियों के हाथ परमाणु हथियार लग जाते हैं। ऐसा परमाणु युद्ध में ही हो सकता है, क्योंकि पाक तो दर्जनों हमले करेगा। उनमें से एक भी हथियार आतंकियों के हाथ लग गया तो?

अगर पूरी दुनिया खतरे में हुई तो इस बात से कोई आश्चर्य नहीं होगा कि चीन और अमेरिका मिलकर पाक को परमाणु हथियार से खाली कर दें। पाक का परमाणु ख्वाब उसके लिए बुरे सपना साबित होगा। आतंकियों ने पाक को तबाह कर दिया है। उत्तरी वजीरिस्तान की जंग में 30 हजार आतंकियों के साथ सात हजार पाक सैनिक भी मारे गए। इसके अलावा पाकिस्तान में 50 से 60 हजार सिविलियन आतंकी हमले में मारे जा चुके हैं। बलूचिस्तान, गिलगिट-बाल्टिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आजादी का संघर्ष चल रहा है।

ऐसे हालात में अगर 20-30 परमाणु हथियारों का प्रयोग किया गया तो उनमें से किसी एक का नियंत्रण से बाहर जाना कोई बड़ी बात नहीं है। इस्राइल खुफिया तौर पर सबसे मजबूत है और अगर उसे पाक पर परमाणु हमले का शक हुआ तो वो तुरंत अमेरिका और भारत को आगाह कर देगा। पाक का परमाणु दिखावा पहले ही धुल चुका है। पाक 1998 में आधिकारिक तौर पर परमाणु शक्ति बना था और तभी से उसके बुरे दिन शुरू हो गए थे। 1999 के कारगिल युद्ध में हार चुका पाक 9/11 के बाद से तो एक कठपुतली बनकर रह गया है।

आज पाक पूरी तरह अस्थिर और टूटा हुआ है। ये सब उसके परमाणु संपन्न बनने के बाद हुआ। पाकिस्तान के बड़े आक्रामक और भारत-विरोधी प्रधानमंत्री जुल्फिकर भुट्टो ने एक बार कहा था कि पाकिस्तान को भले घास खानी पड़े, लेकिन वो बम जरूर बनाएगा। इससे अच्छी भविष्यवाणी तो हो ही नहीं सकती। इस समय उनकी अर्थव्यवस्था की जो हालत है, वो बमों को गले लगाने और घास खाने को मजबूर हो चुके हैं।

डियर पाकिस्तान, भारत पर एक परमाणु बम गिरा दो। बेशक हमें परेशानी होगी, लेकिन तुम्हारा वजूद ही खत्म हो जाएगा।

 

(लल्लन टॉप से साभार)

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