बचपन में नहीं पिया का दूध, 18 साल से सिर्फ पारलेजी पर जिंदा है यह लड़की

0

नई दिल्‍ली। नवजात के लिए मां का दूध अमृत समान बताया गया है। सभी नवजात छह माह तक मां का दूध पीते हैं। लेकिन इससे इतर एक लड़की ऐसी भी है जिसने बचपन से लेकर बड़े होने तक मां का दूध नहीं पिया। चौंकाने वाली बात यह है कि पारलेजी बिस्किट खाने वाली लड़की ने इसके अलावा कोई बिस्किट नहीं खाया।

पारलेजी बिस्किट खाने वाली लड़की

पारलेजी बिस्किट खाने वाली लड़की कोई दूसरा बिस्किट नहीं खाती

कर्नाटक में एक ऐसा ही अजीबोगरीब मामला सामने आया है। 18 साल की रामव्वा जन्म से लेकर अब तक सिर्फ बिस्कुट खाकर ही जिंदा हैं। वो बचपन से पारले जी ही खाकर जिंदा है। पारले जी के अलावा वो कोई दूसरा बिस्कुट नहीं खाती है।

पैदा होने के बाद से ही खाने लगी पारलेजी

जन्म लेने के बाद से ही वो पारले जी खाने लगी। रामव्वा ने मां का दूध तक नहीं पिया है। जन्म के बाद उन्हें गाय के दूध में पारले जी बिस्कुट मिलाकर खिलाया गया था। उसके बाद से वो सिर्फ पारले जी ही खाकर जिंदा हैं। रामव्वा को पारले जी के अलावा खाने में कुछ भी पसंद नहीं है। वो इस बिस्कुट को छोड़कर किसी भी दूसरी चीज को हाथ तक नहीं लगाती हैं। वो एक दिन में 6-7 पैकेट पारले जी खा जाती हैं।

जुड़वा भाई को भी बिस्क्टि खाने की लत

रामव्वा का एक जुड़वां भाई भी है। उसे भी पहले यही बीमारी थी. मगर घरवालों के दबाव से उसने बिस्कुट खाना बंद कर दिया। रामव्वा का कहना है कि उन्हें पारले जी के अलावा किसी भी चीज का स्वाद अच्छा नहीं लगता है।  वो इस बात पर चिंता भी जताती हैं कि अगर कंपनी ने ये बिस्कुट बनाने बंद कर दिए तो उनका क्या होगा।

बहुत गरीब हैं माता-पिता

रामव्वा के माता-पिता बहुत गरीब हैं और उनके लिए हर रोज बेटी के बिस्कुट पर खर्च करना मुश्क‍िल है। उन्हें उसकी सेहत की भी चिंता है और शादी की भी। हालांकि स्थानीय अस्पताल में रामव्वा का इलाज कराया गया है लेकिन डॉक्टर उसकी इस आदत को छुड़ा नहीं पाए। स्थानीय डॉक्टरों ने उसे बड़े और बेहतर अस्पताल जाने की सलाह दी है लेकिन आर्थि‍क तंगी के चलते रामव्वा के मां-बाप उसका इलाज नहीं करा पा रहे हैं।

loading...
शेयर करें