पासपोर्ट के बिना अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में बैठने पर रोक

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नई दिल्ली। विदेश में पढ़ाई-लिखाई करके बेहतरीन भविष्य बनाने की चाह रखने वाले युवाओं को अब प्रवेश परीक्षा में बैठने से पहले ही अपना पासपोर्ट दिखाना होगा। अब इन परीक्षाओं में बैठने से पहले आवेदकों को पासपोर्ट नंबर और उसकी वैधता की जानकारी भी देनी पड़ेगी। ऐसे में पासपोर्ट न होने या वैधता न होने की स्थिति में आवेदन अस्वीकार हो जाएगा। इंटरनेशनल बॉडी ने अंतरराष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं मेें बिना पासपोर्ट बैठने पर पाबंदी लगा दी है। अभी तक परीक्षा में बैठने के लिए फॉर्म भरते समय पासपोर्ट होना अनिवार्य नहीं था। पासपोर्ट न होने या बनने में देरी की वजह से वीजा में विलंब की बढ़ती संख्या के बाद अंतरराष्ट्रीय बॉडी ने अब फॉर्म में बदलाव कर दिया।

पासपोर्ट के लिए कई छूट

इस बारे में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी प्रवीण मोहन सहाय ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के नियमों के बाद विदेश मंत्रालय (भारत ) ने भी पासपोर्ट बनवाते समय विद्यार्थियों के लिए कई तरह की छूट की व्यवस्था कर दी है। 10वीं, 12वीं परीक्षाओं के ओरिजिनल दस्तावेज कॉलेजों में जमा होने पर पासपोर्ट बनने में होने वाली असुविधा को देखते हुए अब विद्यार्थियोें के लिए ओरिजिनल डॉक्यूमेंट पेश करने की बाध्यता खत्म कर दी है। इसके एवज में छात्रों को दस्तावेजों की फोटोकॉपी को उसी कॉलेज से अटेस्ट कराकर जमा करना होगा, जहां से वह पढ़ाई कर रहे हैं। उस संस्थान की ओर से जारी आईकार्ड की फोटोकॉपी तथा संस्थान से एक पढ़ाई करने और दस्तावेज जमा होने संबंधी सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा।

ई-आधार भी निवास प्रमाणपत्र

आरपीओ प्रवीण मोहन सहाय ने बताया कि हाल ही में मंत्रालय ने ई आधार को भी निवास प्रमाणपत्र के रूप में स्वीकार करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक आधार कार्ड को ही प्रस्तुत करना जरूरी था। आधार बनाने वाली यूआईडीएआई ने ई आधार की प्रमाणिकता के संबंध में विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर इसकी प्रमाणिकता स्वीकार करने को कहा था। इसके बाद मंत्रालय ने आधार कार्ड के ऑनलाइन प्रिंटआउट को भी मान्य किया है।

 

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