पीएफ के नए नियमों पर बवाल के बाद सरकार का यूटर्न, जारी रहेगी पुरानी व्यवस्था

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पीएम के नए नियम पर मंगलवार बवाल के बाद सरकार ने यूटर्न ले लिया है। पीएफ के पुराने नियम ही मान्य होंगे। नए नियमों की अधिसूचना रद कर दी गई है। हालांकि कुछ घंटे पहले सरकार ने 31 मई तक नए नियमों की व्यवस्था को टाल दिया था। लेकिन बाद में अधिसूचना रद कर पुराने नियम ही जारी रखने का फैसला लिया गया।

इससे पहले बेंगलुरू में एक गार्मेंट कंपनी के कर्मचारियों ने नए पीएफ नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इन लोगों ने कुछ गाडि़यों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ भी झड़प हुई। देशभर में कई जगह पीएफ के नए नियम पर प्रदर्शन हो रहा था।

पीएफ के नए नियम

पहले सरकार ने हालात पर चिंता जताते हुए नए नियम लागू करने का फैसला तीन महीने तक टाल दिया। इस बारे में केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा, ‘हम गार्मेंट कंपनी के कर्मचारियों से शांति बरतने की अपील करते हैं। इस बारे में श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय से बातचीत की जाएगी।’

वहीं, श्रम मंत्री बंदारू दत्तात्रेय ने कहा, ‘नए नियम लागू किए जाने पर 31 जुलाई 2016 तक के लिए रोक लगायी जा रही है। हम संबद्ध पक्षों के साथ इस बारे में चर्चा करेंगे।’

दत्तात्रेय ने कहा कि केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक बुलायी जाएगी ताकि इस बात पर विचार किया जा सके कि ईपीएफ में नियोक्ताओं के योगदान (मूल वेतन का 3.67 प्रतिशत) का कर्मचारियों के लिए कैसे बेहतर तरीके से उपयोग किया जा सकता है।

हालांकि बाद में खुद दत्तात्रेय ने एलान किया कि पैसा निकालने की पुरानी व्यवस्था बनी रहेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ट्रेड यूनियन की मांग के मद्देनजर यह कदम उठा रही है।

पीएफ के नए नियम

सरकार ने नियोक्ता की ओर से पीएफ का कुल योगदान निकालने पर बंदिशें लगा दी हैं। अब विशेष स्थितियों में ही यह पैसा निकाला जा सकेगा। नए नियम के मुताबिक अंशधारक अगर दो महीने से ज्यादा समय तक बेरोजगार रहता है तो 31 जुलाई तक वह भविष्य निधि से पूरा पैसा निकाल सकेगा।

इसके साथ ही अगर अंशधारक केंद्र या राज्य सरकार के प्रतिष्ठान से जुड़ता है और योगदान वाले भविष्य निधि या पेंशन योजना से जुड़ते हैं, तो उन्हें भविष्य निधि से पूरी राशि निकालने की इजाजत होगी।

श्रम मंत्रालय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पास जमा पूरी राशि को मकान खरीदने, गंभीर बीमारी, शादी तथा बच्चों की पेशेवर शिक्षा जैसे कार्यों के लिए अंशधारकों को निकालने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है। मामले को मंजूरी के लिए कानून मंत्रालय के पास भेजा गया है।

श्रम मंत्रालय ने फरवरी में अंशधारकों के दो महीने से अधिक बेरोजगार होने पर भविष्य निधि से 100 फीसदी निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस बाबत अधिसूचना भी जारी की गई थी।

नए नियम 10 फरवरी तक लागू होने थे। बवाल के चलते 30 अप्रैल तक इन नियमों को लागू करने का फैसला लिया  गया। अब इसे 31 जुलाई तक टाल दिया गया है।

 

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