पीएम मोदी के ये 10 ऐतिहासिक फैसले, जो इससे पहले कोई न कर सका

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लीक से हटकर काम करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे फैसलों के लिए जाने-जाते हैं जो पहली बार किए गए हों, जो परंपरा में ना बंधे हों। हम पीएम मोदी के ऐतिहासिक फैसले उनके ऐसे 10 कामों के बारे में बताएंगे जो लीक से हटकर रहे।

पीएम मोदी के ऐतिहासिक फैसले

पीएम मोदी के ऐतिहासिक फैसले पर नजर डालते हैं

  • पीएम मोदी के ऐतिहासिक फैसले में सबसे पहले बात करते हैं INS विक्रमादित्य की। विक्रमादित्य पर हुई कमांडर कॉन्फ्रेंस ये पीएम का ही सुझाव था जिसकी वजह से इस बार कमांडर कॉन्फ्रेंस दिल्ली में नहीं बल्कि कोच्चि से 50 किलोमीटर दूर समंदर में हुई। मोदी ने इस जहाज पर सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों की मौजूदगी में कंबाइम्ड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की।
  • ऐसा पहली बार हुआ जब दो देशों के प्रधानमंत्री वाराणसी में गंगा घाट पर एक साथ हों। 12 दिसंबर को काशी के मशहूर दशाश्वमेध घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने एक साथ गंगा आरती देखी। इस कार्यक्रम ने इतिहास रचा और लीक से हटकर कुछ करने की प्रधानमंत्री मोदी की स्टाइल को एक बार फिर देश के सामने रखा।
  • पीएम मोदी के ऐतिहासिक फैसले में एक और काम पहली बार हुआ। इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी देश के राष्ट्रपति ने भारत का अपना आधिकारिक दौरा दिल्ली के अलावा किसी और शहर से शुरू किया हो। लेकिन जब पिछले साल चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग भारत आए तो पहले अहमदाबाद गए। वहां पर पूरे पारंपरिक तरीके से जिनफिंग का स्वागत हुआ। यहीं पर चीन और गुजरात सरकार के बीच तीन अहम समझौतों पर भी दस्तख्त हुए।
  • पिछले साल दीवाली के वक्त सियाचिन में बर्फीली चोटियों पर सैनिकों का हौसला बढ़ाने के लिए उनके साथ दीवाली की खुशी साझा करने के लिए देश का कोई प्रधानमंत्री पहुंचा। पीएम मोदी ने इस मुश्किल हालात में देश की सीमा पर दिन-रात जागकर अपने वतन की रक्षा करने वाले जवानों का हौसला भी बढ़ाया।
  • पीएम मोदी के ऐतिहासिक फैसले में हम योगा दिवस को कैसे भूल सकते हैं। 21 जून को पूरी दुनिया ने पहली बार विश्व योग दिवस मनाया और ऐसा पहली बार हुआ जब देश ने अपने प्रधानमंत्री को सड़क पर इस तरह योग करते हुए देखा। राजपथ पर रिकॉर्ड 37 हजार लोगों के साथ पीएम ने सभी को योग के 18 अहम आसन करके दिखाए। इससे पहले देश को संबोधित करते हुए पीएम ने योग की खूबियों के बारे में भी बताया।
  • न्यूयॉर्क के मेडिसन स्कवायर में हजारों ज्यादा भारतीय जुटे। ऐसा पहली बार हुआ जब देश से बाहर किसी प्रधानमंत्री ने इतनी बड़ी तादाद में भारतीयों को संबोधित किया। पीएम के इस कार्यक्रम की अमेरिकी मीडिया में भी जमकर वाहवाही हुई। तमाम अखबारों ने पीएम के भव्य स्वागत और उनकी लोकप्रियता को बढ़-चढ़कर छापा उन्हें रॉकस्टार कहा।
  • 2 अक्टूबर को जब लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हाथ में झाड़ू थामे कचरे की सफाई करते देखा। किसी को यकीन नहीं आया कि देश का प्रधानमंत्री भी इस तरह सफाई करने के लिए सामने आ सकता है। सड़क साफ करने की इसी कोशिश के साथ देश में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत हो गई। पीएम मोदी के ऐतिहासिक फैसले में ये यादगार बना दिया।
  • दिल्ली में हाथ में झाड़ू थामने वाले पीएम कुछ दिनों बाद वाराणसी में अपने संसदीय क्षेत्र में भी गंगा घाट की सफाई करते हुए दिखे। हाथों में फावड़ा लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने अस्सी घाट पर जमी मिट्टी और गंदगी को साफ किया।
  • लीक से हटकर काम करने की प्रधानमंत्री मोदी की एक और कोशिश की, पिछले साल संसद भवन की पहली मंजिल पर बनी कैंटीन इस एतिहासिक लम्हे की गवाह बनी। ऐसा पहली बार हुआ जब खुद कोई प्रधानमंत्री संसद की कैंटीन में खाना खाने पहुंच गया। इस वक्त उनके साथ ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और दूसरे सांसद भी मौजूद थे। पीएम ने उस दिन कैंटीन में शाकाहारी थाली ऑर्डर की। खाना खाते वक्त पीएम ने साथ बैठे सांसदों के साथ बातचीत की और ठहाके भी लगाए।
  • लोकतंत्र में जनता और सरकार के बीच संवाद जरूरी है और इस जरूरत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाम दिया मन की बात। हर महीने रेडियो पर प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री लोगों के बीच अपनी बात रखने में लोगों को अपने साथ जोड़ने में कामयाब रहे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पहली बार इस कार्यक्रम के जरिए सरकार सीधे देश के 90 फीसदी लोगों तक पहुंची।

 

(IBN7 से साभार)

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