पीएम मोदी ने जाहिर की चिंता, कोरियाई शांति प्रक्रिया पर बोली ये बड़ी बात

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में चल रहे मौजूदा शांति प्रयासों में भारत एक घटक है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा, “उत्तर पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया के बीच परमाणु प्रसार के सूत्र भारत के लिए चिंता का सबब है।”

नरेंद्र मोदीउन्होंने कहा, “इसलिए भारत शांति प्रक्रिया की सफलता में एक घटक है।”

पाकिस्तान को उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम में मदद करने वाले देश के रूप में जाना जाता है, जोकि वैश्विक चिंता का कारण है।

बाद में, विदेश मंत्रालय की सचिव(पूर्व) प्रीति सरन ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “यह सबको पता है कि केवल एक देश इसकी (परमाणु प्रसार) दिशा में आगे बढ़ रहा है।”

सरन ने कहा, “भारत ने कोरियाई शांति प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया दोनों के साथ अच्छे संबंध विकसित किए हैं।”

उन्होंने कहा, “हम स्वीकार करते हैं कि अगर हम शांति प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं, तो हमें ऐसा करने में खुशी महसूस होगी।”

मोदी ने अपने संबोधन में कोरियाई शांति प्रक्रिया में राष्ट्रपति मून के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा, “कोरियाई प्रायद्वीप में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने, इसे पटरी पर बनाए रखने और इसमें प्रगति करने का पूरा श्रेय राष्ट्रपति मून को जाता है। मुझे विश्वास है कि मौजूदा सकारात्मक माहौल राष्ट्रपति मून के अथक प्रयासों का परिणाम है। मैं इसके लिए उन्हें बधाई देता हूं।”

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