जम्‍मू-कश्‍मीर : सरकार बनाने के लिए BJP से हाथ मिलाने को तैयार फारूक अब्‍दुल्‍ला

श्रीनगर पीडीपी-बीजेपी की सरकार जम्मू-कश्मीर में बनना लगभग तय माना जा रहा है। लेकिन अभी भी प्रदेश में सरकार बनाने को लेकर असमंजस बरकरार है। जहां एक तरफ पीडीपी-बीजेपी की सियासी दाल लगभग गल चुकी है। वहीं जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्‍फ्रेंस ने अचानक बीजेपी की ओर हाथ बढ़ाकर सबको चौका दिया है। नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक से जब पूछा गया कि पार्टी को अगर बीजेपी की तरफ से गठबंधन सरकार बनाने का प्रस्ताव मिलता है तो उनका क्या रूख होगा, जिस पर वह जवाब दे रहे थे। विधानसभा में पार्टी के 15 सदस्य हैं।

पीडीपी-बीजेपी

पीडीपी-बीजेपी के गठबंधन पर चर्चा

इस बीच पीडीपी-बीजेपी की सरकार बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आज अपने घर पर एक बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पार्टी के सांसद, पूर्व मंत्री और सीनियर लीडर्स हिस्सा लेंगे। मीटिंग में सरकार बनाने संबंधी पार्टी की आगे की रणनीति के साथ ही पीडीपी-बीजेपी के गठबंधन के एजेंडे पर भी चर्चा की जाएगी। अपने पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की सात जनवरी को हुई मृत्यु के बाद महबूबा पहली बार पार्टी बैठक की औपचारिक रूप से अध्यक्षता करेंगी। पीडीपी-बीजेपी के गठबंधन वाली सरकार ने एक मार्च से सईद के निधन तक राज्य में शासन किया था। चूंकि इस गठबंधन ने सरकार गठन का दावा नहीं किया इसलिए आठ जनवरी को राज्य में राज्यपाल शासन लगा दिया गया।

फारूक अब्दुल्ला बोले, हमारे दरवाजे खुले हैं

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला से जब शनिवार को सवाल किया गया कि उन्हें बीजेपी की ओर से राज्य में गठबंधन सरकार बनाने का प्रस्ताव मिलता है तो उनकी पार्टी का रूख क्या होगा? इस पर उन्होंने कहा कि हमने दरवाजे बंद नहीं किए हैं। हमारे दरवाजे खुले हैं। बता दें कि प्रदेश की जम्मू-कश्मीर की 87 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के 25, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के 14 विधायक हैं। बीते सात जनवरी को मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन से पहले पीडीपी-बीजेपी गठबंधन राज्य में 10 महीने सरकार चला चुका है।

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