पीबीएल खेलने के बाद अपने देश के लिए कुछ अलग करना चाहती हूं

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नई दिल्ली। मौजूदा ओलम्पिक चैम्पियन स्पेन (पीबीएल) की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी कैरोलिना मारिन ने मंगलवार को कहा कि उनकी उपलब्धि फुटबाल प्रेमी उनके देश स्पेन में युवाओं को बैडमिंटन को करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी। 23 वर्षीय मारिन ने बीते वर्ष ब्राजीलियाई महानगर रियो डी जनेरियो में हुए ओलम्पिक खेलों में भारत की पी. वी. सिंधु को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

पीबीएल

पीबीएल में हैदराबाद हंटर्स की तरफ से खेल रही हैं मारिन

मारिन विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्एफ) की रैकिंग में शीर्ष-10 में यूरोप की एकमात्र खिलाड़ी हैं। मारिन इस समय प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) में हैदराबाद हंटर्स की तरफ से खेल रही हैं। मारिन का मानना है कि उनका अच्छा प्रदर्शन स्पेन में अन्य लोगों को बैडमिंटन को गंभीरता से लेने में मदद करेगा।

मारिन ने मंगलवार को संवाददातओं से कहा, “मैं कई बच्चों को उनके माता-पिता के साथ पार्क में बैडमिंटन खेलते हुए देख सकती हूं। मैं स्पेन को बताना चाहती हूं कि फुटबाल के अलावा भी बहुत कुछ है। अब कई लोग बैडमिंटन को देख रहे हैं और मुझे खेलते हुए देखना चाहते हैं।”

मारिन ने कहा, “मैं हमेशा विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर रहना चाहती हूं। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता की शीर्ष-10 में कोई यूरोपीयन खिलाड़ी है या नहीं। मेरी प्ररेणा हमेशा से कड़ी मेहनत करना और शीर्ष पर पहुंचना रहा, लेकिन अब मुझे और कड़ी मेहनत करनी है।”

ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद जीवन में आए बदलाव पर मारिन ने कहा, “मेरी जिंदगी में ओलम्पिक के बाद काफी बदलाव आए हैं। मैं हालांकि अभी भी राष्ट्रीय केन्द्र में अभ्यास करती हूं लेकिन मैं वहां रहती नहीं हूं।”

उन्होंने कहा, “स्पेन में कई लोग मुझे पहचानने लगे हैं, लेकिन मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि अब काफी लोग बैडमिंटन को गंभीरता से ले रहे हैं।”

बैडमिंटन का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करीब हर मेजर खिताब जीत चुकीं मारिन का मानना है कि अभी उनके पास पाने को बहुत कुछ है।

उन्होंने कहा, “मैं ज्यादा से ज्यादा खिताब जीतना चाहती हूं। मैं विश्व चैम्पियनशिप, यूरोपियन चैम्पियनशिप और ऑल इंग्लैंड ओपन में अपनी सफलता दोहराना चाहती हूं।”

भारत की सिंधु और सायना नेहवाल के बारे में मारिन ने कहा कि दोनों अलग तरह की खिलाड़ी हैं। मारिन ने कहा, “दोनों अलग शैली की खिलाड़ी हैं लेकिन दोनों के खिलाफ खेलना मुश्किल होता है।”

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