पुलिस की बर्बर पिटाई से महिलाएं और बच्चे भी घायल

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हरिद्वार। पुलिस का बर्बर चेहरा एक बार सामने आया। मामला ज्वालापुर ‌के सीएमआई नर्सिंग होम से जुड़ा है। यहां प्रसव के बाद दो महिलाओं की मौत पर लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और हंगामा किया। पहले तो पुलिस ने लोगों को शांत कराने की काफी कोशिशें कीं, लेकिन गुस्साए लोगों की भीड़ बढ़ती ही गयी। समझाने का असर न होता देख पुलिस अपना आपा खो बैठी और पुलिस का बर्बर चेहरा सबने देखा। पुलिस ने लोगों पर लाठियां भांजते हुए उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पुलिस के इस लाठीचार्ज में कई महिलाएं और बच्चे भी घायल हो गए। जिसके बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।

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पुलिस का बर्बर चेहरा 2

 

पुलिस का बर्बर चेहरा दिखने से पहले हुई थी तीखी नोंकझोंक

जानकारी के अनुसार ज्वालापुर क्षेत्र के पीठबाजार स्थित सीएमआई नर्सिग होम में बुधवार देर रात क्षेत्र के ही मोहल्ला पांवधोई शबनम पत्नी नौशाद और गांव एक्कड़ कलां निवासी पत्नी रंजीता पत्नी अनिल कुमार को प्रसव के लिए भर्ती किया गया था। देर रात ऑपरेशन के बाद दोनों महिलाओं ने बेटों को जन्म दिया। तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने गुरुवार सुबह रंजीता को जौलीग्रांट रेफर किया। कुछ ही देर में शबनम की हालत बिगड़ने पर उसके परिजन उसे मेट्रो अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुस्साए परिजन शव को वापस सीएमआई ले आए। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आपरेशन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए शव रखकर प्रदर्शन शुरु कर दिया। इसी बीच खबर मिली कि जौलीग्रांट में रंजीता को भी चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो महिलाओं की मौत की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। पुलिस ने फौरन ही अस्पताल के बाहर डेरा डाल लिया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में मृतका शबनम के परिजन, रिश्तेदार और परिचित भी अस्पताल पहुंच गए। सीओ सदर राजेश भट्ट ने गुस्साई भीड़ को समझाना चाहा लेकिन भीड़ शांत नहीं हुई। तनाव बढ़ता देख आसपास के कोतवाल और थानेदारों को भी मौके पर बुलाया गया। इसी बीच मृतका रंजीता का शव लेकर उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। जिससे भीड़ का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया। गुस्साई भीड़ मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और नर्सिंग होम को सील करने की मांग पर अड़ गई। लोगों का कहना था जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती शवों को उठने नहीं देंगे। इसी बीच भीड़ में ही शामिल कुछ लोग और पुलिस शबनम का शव कब्जे में लेने लगे। इसी बात पर भीड़ भड़क गई जिसके बाद पुलिस से जमकर तीखी नोंकझोंक भी हुई।

 
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पुलिस का बर्बर चेहरा 3

पुलिस लाठीचार्ज में कई लोग चोटिल, वाहन क्षतिग्रस्त

इसके बाद ही पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। लाठीचार्ज होते ही भीड़ में भगदड़ मच गई। भीड़ में शामिल लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। लाठीचार्ज और भगदड़ में कई लोग चोटिल हुए तो कुछ वाहन क्षतिग्रस्त भी हुए। इसी दौरान पुलिस ने फौरन महिलाओं के शव कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि परिजनों की ओर से शिकायत मिलने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।

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