पुलिस भर्ती में बड़े घोटाले का पर्दाफाश

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मेरठ। उप्र पुलिस भर्ती में भारी अनियमिततायें पाईं गईं हैं। जांच में पता चला है कि पुलिस भर्ती में हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने मेरिट में आने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र लगाए है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के घेर में उन कालेजों को शामिल किया गया जिन्होंने ये सभी फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए हैं।

पुलिस भर्ती

पुलिस भर्ती में फर्जी अंक पत्रों के साथ हो रही थी भर्ती

उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड स्तर पर पुरुषों, महिला आरक्षी एवं आरक्षी पीएसी भर्ती 2015 के लिए अभिलेखों की समीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा कराने के लिए प्रदेश में आगरा, अलीगढ़, इलाहाबाद, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, गोंडा, झांसी, कानपुर नगर, मुरादाबाद, मिर्जापुर, मेरठ, सहारनपुर, सुलतानपुर और वाराणसी में सेंटर लगाए गए थे।

मेरठ में 2700 अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया है। वहीं हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले सौ अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से निकाल दिया गया है। इन लोगों के सभी प्रमाणपत्र जब्त कर लिए गए हैं।  अन उन कोलेजों की जांच कराई जायेगी जिन्होंने इन प्रमाणपत्रों को जारी किया था।

भर्ती की नोडल अफसर एसपी ट्रैफिक किरण यादव को इसका जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र फर्जी होने से उन्हें भर्ती प्रक्रिया से निकाल दिया है। प्रमाणपत्रों की जांच कराई जा रही है। जिस रोहटा रोड के कालेज से प्रमाण पत्र ग्वालियर बोर्ड से जारी किए हैं उसकी पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।

भर्ती टीम के सदस्य इंस्पेक्टर जोगेंद्र काजला ने बताया कि मेरिट पाने वाले सभी अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की भी बोर्ड से जांच कराई जा रही है। उनकी जांच स्वास्थ्य परीक्षण के बाद कराई जानी है ताकि कोई भी फर्जी प्रमाण पर पुलिस में कोई शामिल न हो सकें।

 

 

 

 

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