ISL में विदेशी खिलाड़ियों को ज्यादा तवज्जो मिलने से परेशान पूर्व कोच

0

कोलकाता। ब्रिटेन के जोसेफ टोएल भारतीय जूनियर फुटबाल टीम के लंबे समय तक कोच रह चुके हैं। हाल ही में उन्होंने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में भारतीय खिलाड़ियों की अपेक्षा विदेशी खिलाड़ियों को अधिक अहमियत दिए जाने पर चिंता जताई है। जोसेफ टोएल 2007 में पहली बार बतौर कोच भारत में आए और उनके मार्गदर्शन में जेजे लालपेख्लुआ और गुरप्रीत सिंह संधु जैसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भारत को मिले।

जोसेफ टोएल

पूर्व कोच जोसेफ टोएल ISL में विदेशी खिलाड़ियों को तवज्जो मिलने से हुए परेशान 

जोसेफ टोएल 2014 में अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) से अलग हो गए थे। दो साल के अंतराल के बाद वह फिर से भारत लौट रहे हैं और आई-लीग टीम मिनर्वा पंजाब के तकनीकी निदेशक का पदभार ग्रहण करेंगे।
 जोसेफ ने कहा कि अंतिम 11 में छह विदेशी खिलाड़ी मैदान पर उतारना भारतीय खिलाड़ियों के मौकों को कम करता है।

आईएसएल में एक मैच में कुल छह विदेशी खिलाड़ी खेल सकते हैं। अंतिम 11 में चार विदेशी खिलाड़ी के अलावा दो विदेशी खिलाड़ी स्थानापन्न के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं।

जोसेफ एएफसी कप क्वालीफायर में भारत की अंडर-19 टीम के साथ थे। यह उनका टीम के साथ आखिरी कार्यकाल था।

उस टीम से उदांता कुमार सिंह, डैनियल लाहलिम्पुइया, गोलकीपर विशाल कैथ और डिफेंडर रुपर्ट नोंग्रुम जैसे खिलाड़ी निकले।

जोसेफ ने भंग हो चुकी आई-लीग क्लब पाइलान ऐरोज का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐरोज क्लब को याद कीजिए। वह युवा विकास कार्यक्रम (वायडीपी) से निकले युवा खिलाड़ियों की टीम थी।

उन्होंने कहा कि उसमें सभी भारतीय थे। और हमने पहले संस्करण में सातवां स्थान हासिल किया था। आज उसका परिणाम देखिए आपको 90 मिनट तक ज्यादा भारतीय खिलाड़ियों को मैदान में उतारने का लाभ पता चलेगा।

ऐरोज की टीम का वह पहला साल था और उसने अपने कोटे के 26 मैच खेले थे तथा 29 अंक हासिल किए थे।

गुरप्रीत भारत की तरफ से यूरोप लीग में खेलने वाले पहले खिलाड़ी थे। वह उस टीम के गोलकीपर थे और जेजे टीम के स्ट्राइकर थे।

ऐरोज की टीम में आज के सभी बड़े सितारे प्रीतम कोटाल, प्रबीर दास, प्रनॉय हल्दार, नारायण दास, मिलन सिंह, धनपाल गणेश और शौविक घोष जैसे खिलाड़ी थे।

जोसेफ टोएल का कहना है कि हाल ही में भारत की राष्ट्रीय टीम ने प्योटरे रिको को 4-1 से हराया था जिसमें ऐरोज का कई खिलाड़ी थे।

जोसेफ ने कहा, “भारत की राष्ट्रीय टीम ने प्योटरे रिको पर 4-1 से जीत दर्ज की थी। टीम ने शानदार खेल दिखाया था। इस जीत में ऐरोज के खिलाड़ियों की भूमिका अहम थी।”

जोसेफ का मानना है कि इसी साल होने वाले अंडर-17 फीफा विश्व कप से युवा टीम को काफी फायदा होगा।

जोसेफ टोएल ने कहा, “इसी साल होने वाले अंडर-17 फीफा विश्व कप से खेल की तरफ लोगों की रुचि बढ़ेगी। यह युवा टीम के विकास के लिए बड़ा कदम है।”

loading...
शेयर करें