ओडिशा से पृथ्वी-II मिसाइल का सफल प्रक्षेपण, जानें सात खास बातें

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नई दिल्‍ली। भारत ने अंतरिक्ष में एक और कदम बढ़ाया है। भारत ने सोमवार को पृथ्वी-II मिसाइल का सफल टेस्ट किया। डिफेंस सूत्रों से जो खबरें मिली हैं उसके मुताबिक पृथ्वी II मिसाइल को साल 2003 में भारतीय सेना में शामिल किया गया था। ये मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।

पृथ्वी-II मिसाइल

पूरी तरह देश में बनाई गई है पृथ्वी-II मिसाइल

ओडिशा स्थित बालासोर जिले के चांदीपुर में पृथ्वी II मिसाइल का सफल प्रक्षेपण हुआ। 500 से 1000 किलोग्राम तक का भार उठाने में सक्षम यह मिसाइल देश में बनाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार मिसाइल को सुबह 9.35 बजे एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के प्रक्षेपण परिसर-3 से एक मोबाइल लॉन्चर से प्रक्षेपित किया गया। सतह से सतह पर 350 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली पृथ्वी मिसाइल दो लिक्विड प्रपल्शन इंजन से चलती है।

जानिए, क्या हैं पृथ्वी-II की खूबियां –

  1. पृथ्वी भारत की पहली देश में निर्मित बैलिस्टिक मिसाइल है।
  2. यह सतह से सतह पर 350 किलोमीटर तक मार करती है।
  3. पृथ्वी-II लिक्विड और सॉलिड, दोनों तरह के ईंधन से ऑपरेट होती है। यह परंपरागत और परमाणु, दोनों तरह के हथि‍यार ढोने में सक्षम है।
  4. इससे पहले पृथ्वी-II का सफल यूजर ट्रायल 16 फरवरी 2016 और 14 नवंबर 2014 को किया गया था।
  5. पृथ्वी-II में दो इंजन लगे हैं जिसकी लंबाई 8.56 मीटर, चौड़ाई 1.1 मीटर और वजन 4,600 किलोग्राम है।
  6. यह मिसाइल 483 सेकेंड तक और 43.5 किमी की ऊंचाई तक उड़ान भर सकती है।
  7. यह मिसाइल 500 से 1000 किग्रा तक का भार उठाने में सक्षम है।
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