पॉलिथीन प्रतिबंध के लिए गांधीगीरी

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लखनऊ। नगर निगम बीते दिनों से पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध सख्ती से लागू करा रहा है लेकिन लोगों के न मानने पर अब नगर निगम गांधीगीरी का भी सहारा लेगा। इसमें दुकानदारों से कहा जाएगा कि वे स्वेच्छा से प्लास्टिक और पॉलीप्रोपलीन के कैरीबैग का उपयोग बंद कर दें। यह अभियान 27 जनवरी से चलेगा। इसमें सभी मार्केट में नगर निगम की एक गाड़ी भी बैनर लगाकर घुमाई जाएगी। दुकानदार खुद से भी अपनी पॉलिथीन दान कर सकते हैं। इस दौरान किसी दुकानदार का चालान या नोटिस नहीं कटेगी। हालांकि छापेमारी की कार्रवाई अलग से टीम बनाकर की जाती रहेगी।

पॉलिथीन

पॉलिथीन पर गांधीगीरी से लगेगा प्रतिबंध

 

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई के समय यह देखने में आया है कि दुकानदार टीम को देखकर अपनी पॉलिथीन छिपा लेते हैं। वे ऐसा प्रतीत करते हैं कि जैसे, पॉलिथीन का उपयोग नहीं हो रहा है। असल में चोरी-छिपे ऐसा किया जा रहा है। नगर निगम शहर में प्रतिबंधित कैरीबैग का उपयोग पूरी तरह बंद करवाना चाहता है। ऐसे में गांधीगीरी का तरीका अपनाने का फैसला लिया गया। पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि हम कोई जबरदस्ती नहीं करना चाहते। दुकानदार अगर स्वेच्छा से पॉलिथीन का उपयोग करना बंद करेंगे तो यह ज्यादा प्रभावी होगा। इससे वह पकड़े जाने पर जुर्माना होने की कार्रवाई से भी बच जाएंगे। ऐसे में दुकानदार जब गाड़ी आए तो स्वेच्छा से इसे दान कर दें। अगर गाड़ी न भी पहुंच पाए तो भी पॉलिथीन को कूड़ा कलेक्ट करने आने वाले कर्मचारियों को दे दें।

10 किलो पॉलिथीन जब्त, 2400 जुर्माना

 

पॉलिथीन के खिलाफ अभियान सोमवार को भी चला। इस दौरान छापेमारी कर करीब 10 किलो पॉलिथीन जब्त की गई। दुकानदारों से करीब 2400 रुपये जुर्माना भी सड़क और नाली में प्लास्टिक कचरा फेंकने पर वसूला गया।जोन-1 में कृषि भवन के आसपास मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक दिलीप डे की टीम ने अभियान चलाया। इस बीच कूपर रोड पर मॉडर्न एसेसरीज, ए2जेड धवन कार सजावट, शर्मा ऑटोमोबाइल, क्लासिक कार डेकोर से करीब पांच किलो पॉलिथीन जब्त की गई। वहीं जोन-3 में खुद जोनल अधिकारी विनय प्रताप सिंह ने पुरनिया चौराहा, मानस कांप्लेक्स में सघन अभियान चलाया। यहां से तीन किलो पॉलीथिन जब्त की गई। वहीं 2200 रुपये जुर्माना भी वसूल किया गया। जोन-4 में मुख्य सफाई निरीक्षक प्रवीन कुमार ने मनोज पांडेय चौराहा और पत्रकारपुरम चौराहा पर पॉलिथीन की छानबीन की। यहां एक दुकानदार से 200 रुपये का जुर्माना भी वसूला। जोन-7 में सफाई निरीक्षक चेतन कुमार की टीम ने मुंशी पुलिया चौराहे के पास चेकिंग कर दुकानदारों से दो किलो प्रतिबंधित पॉलिथीन कैरी बैग जब्त किए।

जानिए क्या है ‘polythene’ और इसके नुकसान

 

पॉलीएथिलीन या पॉलीथीन (Polyethylene या Polythene IUPAC नाम : पॉलीएथीन या पॉली (मेथीलीन)) सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला प्लास्टिक है। वर्तमान में इसका वार्षिक वैश्विक उत्पादन 8 करोड़ टन है। इसका मुख्य उपयोग पैकेजिंग (प्लास्टिक के थैले, प्लास्टिक फिल्में, जीओमेम्ब्रेन, बोतल और अन्य पात्र) बनाने में होता है।

पॉलीथीलीन कई प्रकार के होते हैं जिनमें से अधिकांश का सूत्र (C2H4)nH2 होता है। दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि पॉलीथीन एक ही प्रकार के कार्बनिक यौगिकों का मिश्रण होता है। पॉलीइथिलीन एक बहुलक है। यह इथिलीन के अणु द्वारा बनता है। यह एक बहुउपयोगी पदार्थ है। बायोडिग्रेडेबल नहीं होने के कारण इससे भी पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।

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