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पॉलीथिन को लेकर पहले दिन ही की गई छापेमारी

कानपुर। प्रदेश में पॉलीथिन प्रतिबंधित होने के पहले दिन से ही अधिकारियों ने छापेमारी शुरू कर दी। कुछ जगहों पर दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी गई तो कुछ जगहों पर दुकानों में चालान भी काटा गया। इसके साथ ही जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इससे होने वाले नुकसान को बताया गया और प्रयोग न करने की सलाह दी गयी।

पॉलीथिन

ये हैं रोक से मुक्त

दूध के पैकेट, मट्ठा, ब्रेड, नमकीन, बन और पाव के पॉली बैगों पर बैन नहीं है। डिस्पोजेबल गिलास, प्लेटें, चम्मच और अन्य सामान पर रोक नहीं लगा है। इनके अलावा हर मोटाई के पॉलीथिन बैग्स पर रोक लगाई गई है। अस्पतालों का कचरा पॉलीथिन बैग में ले जाने पर रोक नहीं लगी है।
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पॉलीथिन पर पहले दिन सिर्फ चेतावनी

हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने भी गुरूवार से पूरे प्रदेश में पॉलीथिन को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया। इसकी रोकथाम के लिए शासन ने जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। जिसके तहत आज डीएम कौशलराज शर्मा ने कई टीमों को अलग-अलग जगहों पर छापेमारी के लिए भेजा। अभियान का आज पहला दिन था। इसलिए ज्यादातर लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है, कुछ दुकानों पर अधिक पॉलीथिन मिलने पर चलान किया गया है। सभी टीमें अभियान के तहत जंहा कानूनी कार्रवाई कर रहीं हैं तो वहीं लोगों को इससे होने वाले नुकसान को बताकर जागरूक भी किया जा रहा है।

कितनी सजा और जुर्माने का प्रावधान
यूपी सरकार ने 21 जनवरी से पॉलीथिन पर बैन की अधिसूचना बीते दिनों जारी की थी। पर्यावरण (संरक्षण) कानून 1986 के प्रावधानों के तहत प्रतिबंध लगाया गया है। दुकानदार अब ग्राहक को पॉलीथिन या प्लास्टिक की थैलियों में सामान नहीं दे सकेंगे। दुकानदार को छह महीने की सजा और पांच हजार रुपए तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। जुर्माने की रकम अभी कम होगी, बाद में धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर पांच हजार तक किया जाएगा।

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