सुहागरात में पति एक लेकिन पत्नियां दो और फिर…

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भोपाल। एक ही आदमी को दो महिलाएं दिल दे बैठीं, या दो महिलाओं ने एक ही पुरुष से शादी कर ली, ऐसे कई किस्से आपने सुने होंगे। लेकिन, दो सगी आदिवासी बहनों ने एक ही पुरुष के साथ सात फेरे लिए, वह भी प्यार की खातिर नहीं बल्कि किसी कसम के चलते, ऐसा शायद ही सुना होगा। पिछले हफ्ते मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में दो सगी आदिवासी बहनों ने एक ही पुरुष के साथ शादी कर ली।

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19 साल की भभूती और 18 साल की कविता, दोनों का एक ही पति है, 21 साल का नीमा। सहरिया जनजाति की इन बहनों में से बड़ी बहन भभूती शारीरिक रूप से अविकसित है, उसके हाथों का विकास नहीं हुआ है। ऐसा देखते हुए छोटी बहन कविता ने कसम ली थी कि वह उसी व्यक्ति से शादी करेगी, जो उसकी बड़ी बहन के साथ भी शादी करेगा। राजस्थान के पहाड़ गांव का रहने वाला नीमा अब दोनों का पति है।

प्यार

शादी के बाद पहली बार अपने माइके आकर कविता ने कहा, ‘हम 4 भाई-बहन हैं, मेरे माता-पिता बूढ़े हो रहे हैं और भाई बहुत छोटे हैं, मुझे चिंता रहती थी कि मेरी बहन का खयाल कौन रखेगा।’ चेहरे पर मुस्कान लिए गर्व से कविता ने आगे कहा, ‘अब मैं निश्चिंत हूं, पति के साथ मिलकर मैं दीदी का खयाल रख पाऊंगी।’

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कविता कहती हैं, ‘दीदी की शारीरिक विकृति के कारण कोई उनसे शादी नहीं करना चाहता था, सारे रिश्ते मेरे लिए आते थे। जो भी मुझसे शादी के लिए तैयार होता था, मेरी बहन से शादी नहीं करना चाहता था।’ कविता ने बताया कि भभूती अनपढ़ नहीं है, दो बार स्कूल से निकाले जाने के बावजूद वह 11वीं तक पढ़ी है, वह पैरों से लिखती थी।

साभार: NBT

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