जानिए क्या है प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की सच्चाई

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गोरखपुर। केन्द्र की भाजपा सरकार दो साल के कार्यकाल की ब्राडिंग में जिस प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का सर्वाधिक इस्तेमाल कर रही है उसका पूरा सच प्रचारित नहीं किया जा रहा है। यह सच भी सामने न आ पाता अगर पिछले दिनों एक कार्यक्रम में जनता ने भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ को 1600 रुपये की वह रसीद न दिखाई होती जो उनसे वसूल किये गये।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना

दरअसल, उज्जवला योजना के तहत चूल्हा, पाइप और रेग्यूलेटर देने के नाम पर एजेंसियों ने कुछ उपभोक्ताओं से 1600-1600 रुपये की वसूली कर दी। जब भाजपा सांसद लोगों को यह किट वितरित कर रहे थे तो उपभोक्ताओं ने उन्हें 1600 रुपये की रसीद दिखा दी। नाराज सांसद ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि पैसे फौरन वापस किये जाएं।

दरअसल, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन का मात्र 2400 रुपये निशुल्क है। बीपीएल परिवारों को चूल्हा, पाइप और रेग्यूलेटर खुद खरीदना है। लेकिन कोई भी एजेंसी इस किट के पैसे नहीं ले सकती। इसके बावजूद कई एजेंसियों ने किट के पैसे भी जमा करा लिये और उपभोक्ताओं को रसीद दे दी।

हांलाकि किट के पैसे उपभोक्ता को ही देने हैं लेकिन इसका नकद भुगतान नहीं करना है। भाजपा के सांसद विकास पर्व सप्ताह के तहत उसी किट का वितरण कर रहे हैं जो दरअसल निशुल्क नहीं है और इसका पूरा भुगतान बीपीएल उपभोक्ता से ही लिया जाएगा।

ऐसे होगी वसूली

किट के रकम यानी 1600 की वसूली के लिए सरकार ने सब्सिडी में से कटौती का निर्देश दे रखा है। यानी सांसद जी के साथ फोटो खिंचवाकर जो किट उपभोक्ता निशुल्क ले जाएगा उसकी रकम वह किश्तों में अपनी सब्सिडी के जरिए चुकाएगा। निशुल्क गैस कनेक्शन के प्रचार अभियान के दौरान मोदी सरकार और भाजपा नेताओं ने इस सच को दबाकर रखा है। यह सच भी सामने न आ पाता अगर कुछ एजेंसी सब्सिडी से कटने वाली रकम की नकद वसूली नहीं करतीं।

सिर्फ कनेक्शन फ्री

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत भारत सरकार ने सिर्फ बीपीएल परिवारों के लिए निशुल्क गैस कनेक्शन की व्यवस्था की है। इसके अलावा इस योजना में कुछ भी निशुल्क नहीं है। यानी इस योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों के 2400 रुपये बचेंगे। और यही इस योजना का पूरा सच भी है।

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