प्रधान कर रहे पंचायती राज सफाई कर्मिकों का शोषण

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लखनऊ। उ.प्र. पंचायती राज सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार ने प्रमुख सचिव पंचायती राज को पत्र लिखकर प्रदेश के लाखों सफाई कर्मिकों को प्रधानों के नियंत्रण से मुक्ति की मांग की है। उन्होंने प्रधानों द्वारा पंचायती राज सफाई कर्मिकों के शोषण की अप्रत्यक्ष जानकारी देते हुए सफाई कर्मिकों को प्रधानों के वित्तीय एवं प्रशासकीय नियत्रंण से मुक्त करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि, प्रधानों के अनावश्यक हस्तक्षेप से सफाई कर्मचारी काम नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि प्रमुख सचिव पंचायती राज को इस बाबत पत्र लिखा है।

प्रधानों के अनावश्यक

 

प्रधानों के अनावश्यक हस्तक्षेप से नहीं हो रहा काम

उनहोंने बताया कि, प्रधानों के अनावश्यक हस्तक्षेप के चलते इस अधिनियम अनुरूप काम नहीं हो पा रहा है। उन्होंने 11 अप्रैल 2008 द्वारा संशोधित राजाज्ञा की जानकारी देते हुए कहा कि, सफाई कर्मी ग्राम पंचायत के कर्मी न होकर पूर्णरूपेण शासकीय कर्मी होंगे।  जो पंचायती राज विभाग के अधीन कार्यरत होगें। ऐसी स्थिति में पंचायती राज सफाई कर्मिकों को प्रधानों के अधीन रखा जाना न्यायसंगत नही है।

प्रधानों को यह अधिकार मिल जाने से पंचायती राज सफाई कर्मिकों का हर स्तर पर शोषणा हो रहा है। शासन ने तत्काल उक्त राजाज्ञा के अनुसार सफाई कर्मिकों को प्रधानों के नियंत्रण से मुक्त न किया तो प्रदेश के लाखों पंचायती राज सफाई कर्मी आन्दोलन को बाध्य होगें।

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