जब प्रशांत किशोर की बैठक में आपस में भिड़ गए दो कांग्रेसी नेता

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की अंदरूनी कलह उस वक्त सामने आ गई जब बुधवार को पार्टी के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पार्टी कार्यकर्ताओं को अपनी रणनीति समझा रहे थे। दरअसल, बुधवार को लखनऊ में हो रही इस बैठक में कांग्रेस के तीन पदाधिकारी आपस में भिड गए और हाथापाई करने लगे। वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।

प्रशांत किशोर की बैठक में आपस में भिड़े कांग्रेसी नेता

प्रशांत किशोर

मिली जानकारी ने अनुसार, बुधवार को प्रशांत किशोर लखनऊ में आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे। इस बैठक में दोनों जिलों के नेता अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को बता रहे थे। इसी बीच बलिया के कांग्रेस जिलाध्‍यक्ष ने पार्टी के दो पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सलाह दी। ये दोनों ही पदाधिकारी उस समय बैठक में मौजूद थे।

बैठक में जब जिलाध्‍यक्ष ने बोलना शुरू किया तो पहले तो दोनों नेताओं ने उनकी बात में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया, जिसने कुछ ही देर में पहले तो एक बहस का रूप ले लिया और फिर हिंसक झड़प का।  अंततः तीनों नेताओं के बीच हाथापाई पर शुरू हो गई। आपे से बाहर हो गए इन नेताओं को शांत कराने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा। उनके हस्तक्षेप के बाद ही मामला शांत हो सका। बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्ष दोनों नेताओं पर कार्रवाई करने की बात कह रहे थे।

प्रशांत किशोर बैठक में कार्यकर्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति से अवगत करा रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मीडिया में चल रही खबरों से प्रभावित ना होने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समर्पित कार्यकर्ता ढूंढने में नाकाम रहने पर आपसी लड़ाई और गुटबाजी जैसे बहाने नहीं चलेंगे।

आपको बता दें कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में रणनीति बनाने के लिए प्रशांत किशोर को नियुक्त किया है। उन्होंने प्रशांत को छूट दे रखी है कि वह अपने हिसाब से इस चुनाव में पार्टी की रणनीति तैयार करें। प्रशांत 28 मई तक ऐसी ही बैठकें जारी रखना चाहते हैं।

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