फतेहपुर में बवाल की घटना साजिश : तोगड़िया

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कानपुर। विश्व हिन्दू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने फतेहपुर में बवाल की घटना को प्रशासनिक चूक करार दिया है। उनका कहना है कि प्रशासन ने समुचित सुरक्षा इंतजाम नहीं किये थे। बवाल के बाद कानपुर पहुंचकर उन्होंने कहा कि जहानाबाद में आयोजित रथ यात्रा में भाषण देने से पहले ही बवाल शुरू हो गया था। भाषण से पहले बवाल, फायरिंग व पथराव साजिश ही लगता है। विरोधियों ने साजिश के तहत ऐसा किया जिसमें प्रशासनिक मिलीभगत भी दिखाई देती है। आरोप लगाया कि कैसे भी प्रदेश में कहीं कानून नाम की चीज नहीं है। वह चाहे जहानाबाद हो या फिर और कोई जगह।

फतेहपुर में बवाल

फतेहपुर में बवाल के बाद अब होगा आंदोलन

 

उन्होंने राम मन्दिर को लेकर कहा कि इसमें राजनीति होगी। इसलिए तय किया गया है कि यूपी चुनाव के पहले मन्दिर बनाने को लेकर कोई आंदोलन नहीं किया जायेगा। चुटकी भरे अंदाज पर कहा कि राम मन्दिर ईंटों से नहीं पत्थरों से बनना है। एक ईंट न रखने की बात कहने वहां जाकर देखें। विश्व हिन्दू परिषद मन्दिर निर्माण को लेकर कोई राजनीति नहीं करना चाहती है। विरोधी ही जाति व धर्म की राजनीति से सत्ता हथियाने का खेल खेलते रहते हैं।

दूसरे नेता किये गए वापस

 

जहानाबाद में बवाल होने की सूचना पाकर सांसद देवेन्द्र सिंह भोले भी जहानाबाद के लिए रवाना हो गए। लेकिन उन्हें कानपुर की सीमा पर घाटमपुर की पुलिस चौकी में रोक लिया गया। उन्हें माहौल ठीक होने की जानकारी दी गई। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री व फतेहपुर सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने आईजी से किसी भी निर्दोष पर कार्यवाही न करने की बात कही। अधिकारीयों के आश्वासन पर वह वापस लौटे।

ये था पूरा मामला

 

दरअसल, हुआ यह कि खिचड़ी मेले की तैयारी के लिए कुछ हिन्दू संगठन शोभायात्रा निकाल रहे थे, रास्ते में एक बिजली का तार आने पर कुछ युवकों ने उसे तोड़ दिया। इस पर दूसरे वर्ग के लोग भड़क गए और दोनों में मारपीट शुरू हो गयी। देखते-देखते बवाल बढ़ गया, दोनों तरफ से पथराव में राहगीर भी फंस गए। एक महिला को कई पत्थर लगे जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी। पुलिस ने किसी तरह से हालात पर काबू पाया।

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