मूवी रिव्यू : फीकी निकली फ्रीकी अली, नहीं चला नवाजुद्दीन का जादू

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फिल्म का नाम: फ्रीकी अली
डायरेक्टर: सोहेल खान
स्टार कास्ट: नवाजुद्दीन सिद्दीकी, एमी जैक्सन, अरबाज खान, जस अरोड़ा, सीमा बिस्वास
रेटिंग: 2.5 स्टार

 फ्रीकी अली

फ्रीकी अली का फिल्म रिव्यू

सोहेल खान के डायरेक्शन में बनी फिल्म फ्रीकी अली बॉक्स ऑफिस पर आज रिलीज़ हो गई है। लंबे समय बाद सोहेल ने इस फिल्म के साथ डायरेक्शन में वापसी की है। फिल्म में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और एमी जैक्सन लीड रोल में हैं। इस बार सोहेल ने 1996 की अमेरिकन स्पोर्ट्स फिल्म ‘हैप्पी गिलमोर’ से प्रेरित होकर ‘फ्रीकी अली’ बनाई है। आइए फिल्म की समीक्षा करते हैं।

कहानी

फिल्म शुरू होती है अली (नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी) से जो एक छोटी सी दुकान में चड्ढी बेचता है। एक दिन उसका मालिक उसे नौकरी से निकाल देता है और वो अपने दोस्त मक़सूद (अरबाज़ खान) के साथ वसूली के धंदे में लग जाता है। एक दिन वो वसूली के काम के लिए एक बिजनेस मैन को मिलने गोल्फ कोर्स जाता है जहाँ उसके अन्दर गोल्फ खेलने का छुपा हुआ टैलेंट अली के माँ का दोस्त किशन लाल (आसिफ बसरा) देख लेता है और उससे गोल्फ खेलने के लिए कहता है। गोल्फ खेलना और गोल्फ टूर्नामेंट में हिस्सा लेना बस्ती में रहने वाले अली के लिए आसन नहीं होता। अब इसके आगे क्या होता है आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं। फिर इसी बीच उसकी नजर मेघा (एमी जैक्सन) पर पड़ती है जो गोल्फ चैंपियन विक्रम (जस अरोड़ा) की मैनेजर है और अली को मेघा से पहली नजर में प्यार हो जाता है, लेकिन इस प्यार को पाने के लिए अली को एक बड़ी परीक्षा देनी पड़ती है, कई सारे उतार-चढ़ाव भी आते हैं। आगे की कहानी जानने के लिए आपको सिनेमाघरों का रुख करना पड़ेगा।

डायरेक्शन

फिल्म में सोहेल खान का डायरेक्शन कुछ खास अच्छा नहीं है। फिल्म फर्स्ट हाफ में ठीक ठाक है लेकिन सेकंड हाफ बेहद बोरिंग है। नवाज़ के अलावा फिल्म में देखने लायक कुछ भी नहीं है। फिल्म बेहद स्लो है जिससे आपको नींद आने लगेगी। फिल्म का पहला आधा घंटा देखकर ही आप समझ जायेंगे की आगे क्या होने वाला है।फिल्म में वन लाईनर पंच काफी मजेदार है।

एक्टिंग

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की एक्टिंग के बारे में तो सब जानते हैं। उन्होंने बहुत ही उम्दा एक्टिंग की है। एमी जैक्सन को डायरेक्टर सोहेल खान ने फिल्म में कोई काम नहीं दिया है। अरबाज़ खान का रोल भी ठीक-ठाक ही है। बाकी एक्टर्स ने भी अच्छा काम किया है।

म्यूजिक

फिल्म का म्यूजिक बोरिंग है। गानों को बिना वजह फिल्म में घुसाया गया है।

देखें या नहीं

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के फैन हैं तो फिल्म देखने जा सकते हैं वरना टीवी पर आने का इंतजार करें। थिएटर में पैसे बरबाद न करें।

 

 

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