NASA के इंजीनियर करेंगे मदद, ऊबर बनाएगा फ्लाइंग कारें

सैन फ्रैंसिस्को। हॉलीवुड की फिल्मों में आपने अक्सर कारों को उड़ता देखा होगा। हालांकि, फिल्मों में ऐसा दिखाने के लिए स्पेशल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन जल्द ही आने वाले 2-3 सालों में हकीकत में कारें उड़ती नज़र आएंगी। फ्लाइंग कारों के आने से घंटों ट्रैफिक जाम में फंसने की समस्या से निजात मिल जाएगी। साथ ही सड़क पर दौड़ती टैक्सियों से जल्दी आप अपने डेस्टिनेशन पर पहुंच पाएंगे।

फ्लाइंग कारों के

फ्लाइंग कारों के ऊबर ने कसी कमर

करीब सवा 2 घंटे की सड़क से होने वाली यात्रा को हवा में सिर्फ 15 मिनट में पूरी कर पाएंगे। एक साल में 12 यूनिट तैयार होने के साथ हर यूनिट का खर्चा करीब 1.25 करोड़ रुपये आने की संभावना है। ऊबर ने नासा के इंजिनियर को फ्लाइंग कारों को बनाने के लिए हायर किया गया है। इससे अब 1 से 3 साल के अंदर-अंदर आप उड़ती कारों में सफर कर पाएंगे।

ये फ्लाइंग टैक्सीज ड्रोन हेलिकॉप्टर की तरह होंगी और पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगी। इनकी मदद से 160 किलोमीटर की दूरी 150 मिनट प्रति घंटे की तेजी से तय की जा सकेगी। एअरक्राफ्ट इंजिनियर मार्क मोरे (नासा इंजिनियर) के साथ आने से ऊबर कंपनी को लगता है कि वह जल्द ही उड़ती कारें ला पाएगी। मार्क ने नासा में 30 साल बतौर इंजिनियर काम किया और ऊबर के साथ जुड़कर इस प्रॉजेक्ट के डायरेक्टर बन गए हैं।

प्रोजेक्ट को नाम दिया गया है ऊबर ऐलिवेटड फ्लाइंग टैक्सी सर्विस। मार्क का कहना है मुझे लगता है कि मेरे लिए यह काम काफी अच्छा रहेगा।

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