बंदर ने लूटे 50 हजार रुपए, वापस लेने को खिलाना पड़ा प्रसाद

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वृंदावन। कान्हा की नगरी वृंदावन में होली खेलने पहुंच रहे कृष्ण भक्तों के 50 हजार रुपए बंदरों ने लूट लिए। रुपए पाने के लिए लोगों को बंदर को एक घंटे तक मनाना पड़ा। कुछ देर बाद बंदर ने पर्स फाड़-फाड़ कर रुपए फेंकना शुरू कर दिया। तीन पर्स को बंदर ने चबा डाला, लेकिन प्रसाद पाने के बाद उसने रुपए फेंक दिए। बंदरों ने यह हरकत वृंदावन के निधिवन के पास जा रहे लोगों से की। मोदीनगर से आईं देवांशी, मनोज और रूद्र निधिवन जा रहे थे। तीनों ने हाथ में पर्स रखा हुआ था और इसी से निकालकर रास्ते में भिखारियों को दे रहे थे। बंदर पहले से ताक में थे। वे अचानक इन लोगों के पास और पर्स छीन कर भाग गए। दो बंदरों ने पहले ही रुपए लौटा दिए।

बंदर

बंदर की शरारत

हालांकि एक बंदर छत पर बैठकर पर्स को चबाने लगा। उसने पर्स से रुपए निकाले और लोगों को दिखाने लगा। लोगों ने रुपए गिरने को इशारा किया, लेकिन बंदर नहीं माना। मनोज ने उसे लंबे डंडे में लगे झाड़ू दिखाया, इसके बाद बंदर ने हुड़की दे दी। दूसरी तरफ से बंदरों की आवाज आने लगी। इसके बाद लोग डर गए, उन्हें लगा कि बंदरों की ओर से हमला हो सकता है। पास से जा रहे एक साधु ने कहा कि इन्हें प्रसाद दे दो, तब वे रुपए लौटा देंगे। देवांशी और रूद्र ने प्रसाद खरीदा और इसे छत पर फेंक दिया। इसके बाद बंदर कुछ-कुछ देर पर रुपए ऊपर से गिराने लगा।

नीचे इसे लेने के लिए लोग दौड़ लगा रहे थे। कुछ रुपए खिड़की के ऊपर रह गए। देवांशी ने खिड़की पर चढ़कर रुपए उतारे। करीब एक घंटे बाद सारे रुपए मिल सके। मनोज ने बताया कि तीनों के करीब पचास हजार रुपए थे। इनमें से 48 हजार रुपए मिल गए हैं1 कुछ रुपए छत पर ही रह गए। उन्होंने बताया कि वह वृंदावन के मंदिरों में होली खेलने आए थे। गौरतलब है कि पिछले साल राष्ट्रपति के आगमन के दौरान वृंदावन में बंदरों की हरकत से बचने के लिए लंगूर तैनात कर दिए गए थे। वृंदावन की गली से गुजरने से पहले ही स्थानीय लोग, भक्तों को यह हिदायत दे देते हैं कि पर्स, मोबाइल और चश्‍मा बाहर न रखें।

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