बच्चे के ट्यूमर को निकाल डॉक्टर्स ने दी नई जिंदगी

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लखनऊ। केजीएमयू में डॉक्टरों ने चार साल की बच्ची की रेयर सर्जरी करके उसे नई जिंदगी दी है। डॉक्टर के मुताबिक ऑपरेशन के बाद बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है। इस बच्ची को ठीक करने में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अहम भूमिका निभाई है। गर्दन पर ट्यूमर की परेशानी से पीड़ित रेनू (चार साल) को मुख्यमंत्री ने केजीएमयू के पीडियाट्रिक सजर्री विभाग में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बच्ची को नया जीवन दिया है। बस्ती के कोठवा निवासी भङिानकान की मासूम बेटी रेनू उनकी छठी संतान है। रेनू के सिर और गर्दन के पिछले हिस्से ट्यूमर था जो बच्ची के साथ लगातार बढ़ रहा था। परिवारीजनों ने बढ़ते ट्यूमर के इलाज के लिए कई डॉक्टरों से सलाह ली। इलाज के बावजूद ट्यूमर ठीक नहीं हुआ।

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संक्रमण से टला ऑपरेशन

 

22 दिसम्बर को बस्ती जिला प्रशासन के अफसरों रेनू को केजीएमयू में भर्ती कराया। पीडियाट्रिक सजर्री विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसएन कुरील की देखरेख में भर्ती कराया। डॉ. कुरील ने बताया कि रेनू की जांच पड़ताल हुई। उसे फेफड़े का संक्रमण था। पहले संक्रमण का इलाज हुआ। 11 जनवरी को ऑपरेशन किया। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के ट्यूमर का दुनिया में दूसरा मामला है। उन्होंने बताया कि ट्यूमर की नसें आंखों की रोशनी की नसें बिलकुल नजदीक थी। बेहद सावधानी से दोनों नसों को अलग कर ऑपरेशन किया गया।

फोलिक एसिड की कमी थी

 

प्रो. कुरील ने बताया कि बच्ची को जाइंट ऑक्सीपिटो सर्विकल लिपोमस बीमारी थी। यह बीमारी बहुत रेयर है। प्रो. कुरील के मुताबिक बच्ची में फोलिक एसिड की कमी के कारण न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट हो गया था। इस बीमारी में दिमाग की न्यूरल ट्यूब नहीं बन पाती है। इससे रीढ़ की हड्डी या सिर के नीचे की तरफ ट्यूमर हो जाता है लेकिन रेनू के सिर में ही ट्यूमर था। प्रो. कुरील का दावा है कि इस तरह का विश्व में यह चौथा ऑपरेशन हुआ है।

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जा सकती थी आंखों की रोशनी

 

प्रो. कुरील ने बताया कि 22 दिसंबर को बच्ची को भर्ती किया गया था। उस वक्त उसके चेस्ट में संक्रमण था, इसलिए तुरंत ऑपरेशन नहीं हो सकता था। पहले संक्रमण का इलाज किया गया। इसके बाद 11 जनवरी को ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन में 2.5 किलोग्राम का ट्यूमर निकाला गया। प्रो. कुरील ने बताया कि सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि ट्यूमर के पास वह नस थी जिससे आंखों की रोशनी जाती है। अगर वह नस डैमज हो जाती तो बच्ची को दिक्कत हो सकती थी।

अखिलेश ने दी नई जिंदगी

 

चार साल में यह ट्यूमर सिर के बराबर हो गया। इलाज के लिए दर-दर भटकने के दौरान किसी की नजर रेनू पर पड़ी तो मामला सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक जा पहुंचा। मुख्यमंत्री ने बच्ची के इलाज का आदेश दिया जिसके बाद उसे केजीएमयू में भर्ती कराया गया।

अम्मा अब हम पढ़े जाइब

 

ट्यूमर होने की वजह से परिवार रेनू को स्कूल नहीं भेजता था। ऑपरेशन के बाद रेनू ने अपनी मां से कहा- ‘अम्मा अब हम पढ़े जाइब’। ये बात सुन डॉ. कुरील ने रेनू को पहली बुक गिफ्ट की जिसके बाद रेनू उसे खिलौने की तरह पलट कर देखती है।

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