बच्‍ची की मौत पर केजरीवाल ने दिए मजिस्‍ट्रेट जांच के आदेश

नई दिल्‍ली। रेलवे के झुग्‍गी हटाओ अभियान के दौरान छह महीने की बच्‍ची की मौत पर बवाल खड़ा हो गया है। केजरीवाल और केन्‍द्र सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। मुख्‍यमंत्री केजरीवाल चाहते हैं कि इस मामले में हत्‍या का मुकदमा दर्ज हो। उन्‍होंने इस मामले में मजिस्‍ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं।

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AAP का तर्क

दिल्‍ली सरकार के नेता पंकज गुप्‍ता ने कहा, ‘कोर्ट के आदेश के मुताबिक झुग्‍गी झोपडि़यों से लोगों को हटाने से पहले उन्‍हें नई जगह पर बसाने का नियम है। रेलवे ने इस नियम को तोड़ा है।’

केजरीवाल सरकार खुद भी इस मामले में रेलवे पर हत्‍या का केस दर्ज करने पर विचार कर रही है। रविवार शाम केजरीवाल ने इस मसले पर उत्‍तर रेलवे की जीएम और जीआरएम से मुलाकात भी की।

वहीं, बीजेपी ने इस मामले में केजरीवाल पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। आप से बीजेपी में गईं नेता शाजिया इल्मी ने कहा कि केजरीवाल को कम से कम बच्चों की मौत पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उधर कांग्रेस ने भी केजरीवाल के रुख पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा है कि केजरीवाल अपने राज्‍य में इतने बड़े अभियान से नावाकिफ कैसे रह गए।

क्‍या है पूरा मामला

शनिवार को पश्चिमी दिल्‍ली की शकूर बस्‍ती में रेलवे के अभियान के दौरान सैकड़ों झुग्गियों को हटाया जा रहा था। इसी दौरान भगदड़ मच गई। लोग अपना सामान लेकर भागने लगे। इसी बीच मोहम्‍मद अनवर की छह महीने की बेटी पर कपड़ों का ढेर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद से ही मामले ने तूल पकड़ लिया था।


केजरीवाल की कार्रवाई

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार देर रात मौका स्‍थल का मुआयना किया और घटना की निंदा भी की। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दो एसडीएम समेत तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया।


रेलवे का बयान

रेलवे के मुताबिक इस मामले में मार्च और सितंबर तक का नोटिस दिया गया था। जगह नहीं खाली करने पर झुग्‍गी हटाओ अभियान शुरू किया गया। रेलवे का कहना है कि झुग्गियां हटाकर नया टर्मिनल बनाया जाएगा। नॉर्दन रेलवे के डीआरएम अरूण अरोड़ा ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का भी साफ आदेश है कि रेलवे लाइन या उसके आसपास किसी तरह की गंदगी या मलबा नहीं होना चाहिए। रेलवे का यह भी कहना है कि बच्‍ची की मौत अभियान के दौरान नहीं हुई। बच्‍ची की मौत सुबह दस बजे हुई, जबकि अभियान 12 बजे शुरू किया गया।

बस्‍ती वालों की दर्द

यहां रहने वाले लोगों का आरोप है कि बिना कोई पूर्व आश्रय और नोटिस दिए उनके घरों को तोड़ दिया गया, जिसके चलते वे ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। उनका दावा है कि जब झुग्गियों पर बुल्‍डोजर चलाया जा रहा था तब लकड़ी का एक टुकड़ा बच्‍ची पर आ गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई।

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