‘भगवान की कसम नहीं बनने दूंगा हरीश रावत की सरकार’

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बागी विधायकदेहरादून। उत्तराखंड में चल रही सियासी घमासान के बीच अब कसमों का दौर चल पड़ा है। कांग्रेस के बागी विधायक हरक सिंह रावत ने केदार बाबा की कसम खाकर ऐलान किया कि उत्तराखंड में हरीश रावत की सरकार नहीं बनने देंगे।

बागी विधायक ने कसम खाकर किया था ऐलान

बागी विधायक हरक सिंह रावत से पहले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से नाराजगी के दौरान हरक सिंह ने धारी देवी की कसम खाकर मंत्री पद न लेने का ऐलान किया था। 2012 में हरीश रावत को पछाड़ कर विजय बहुगुणा ने प्रदेश में सत्ता संभाली थी। उस समय, हरीश रावत के समर्थक विधायक दिल्ली में डेरा डाल कर बैठ गए थे और करीब एक माह बाद ही इस सियासी ड्रामे का किसी तरह से पटाक्षेप हो पाया था। उस समय मनमाफिक मंत्रालय न मिलने से नाराज हरक सिंह हरीश रावत के साथ ही खड़े दिखाई दे रहे थे।

अक्सर खाते रहते हैं कसम

जबकि कांग्रेस आलाकमान विजय बहुगुणा के साथ खड़ा था। ऐसे में हरक ने बाकायदा धारी देवी की कसम का हवाला देकर कहा था कि वे मंत्री पद नहीं लेंगे। हालांकि, बाद में हरक सिंह इस मामले में सफाई भी देते रहे। सोमवार को दून में पूर्व केंद्रीय मंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे हरक ने बाकायदा केदार बाबा की कसम खाते हुए कहा कि वे प्रदेश में हरीश रावत की सरकार नहीं बनने देंगे।

इससे पहले हरीश रावत को बताया था नायक

हरक सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की तुलना फिल्म नायक के मुख्य किरदार से की। हरक ने कहा कि नायक में भी एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनाया गया था। हरीश रावत भी एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बने। लेकिन, नायक में किरदार ने इतना आगे कदम नहीं बढ़ाया था। हरीश रावत ने 24 घंटे मुख्यमंत्री रहते हुए दो-दो कैबिनेट कर कई फैसले कर डाले।

हरक सिंह ने कहा दोनों ने की थी बगावत

हरक सिंह ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा ने भी बगावत की थी और हमने भी बगावत ही की है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बाद में कहा कि दोनों मामलों की तुलना नहीं की जा सकती। अगर दोनो मामलों की तुलना की गई तो यह उस महान विभूति का अपमान होगा।

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